GMM Pfaudler ने Q1 FY27 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर **118%** बढ़कर **₹22 करोड़** हो गया है। वहीं, ऑर्डर इंटेक **16%** बढ़कर **₹1,007 करोड़** रहा।
GMM Pfaudler ने वितीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे घोषित किए हैं। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹925 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 16% ज्यादा है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले 2% कम है।
मुनाफे में जोरदार उछाल
कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में सालाना आधार पर 118% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹22 करोड़ पर पहुंच गया। PAT मार्जिन 2.4% रहा। कंपनी के मुताबिक, पिछले साल लागू की गई पहलों से मिले बेहतर नतीजों के कारण बॉटम-लाइन में यह ग्रोथ आई है।
EBITDA में गिरावट, ऑर्डर बुक मजबूत
हालांकि, इस तिमाही में कंपनी का अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन (EBITDA) ₹94 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 7% कम है। EBITDA मार्जिन 10.1% दर्ज किया गया।
कंपनी के ऑर्डर इंटेक की बात करें तो यह ₹1,007 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही से 16% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का ऑर्डर बैकलाग बढ़कर ₹2,289 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की तुलना में 20% और पिछली तिमाही की तुलना में 4% ज्यादा है।
क्यों मायने रखता है यह?
PAT में आई यह भारी वृद्धि, EBITDA में गिरावट के बावजूद, कंपनी की लागत प्रबंधन और परिचालन दक्षता को दर्शाती है। मजबूत ऑर्डर बुक भविष्य की तिमाहियों के लिए अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करती है। हालांकि, EBITDA में गिरावट ऑपरेटिंग मार्जिन पर संभावित दबाव का संकेत देती है, जिस पर नजर रखने की जरूरत होगी।
बड़े रीस्ट्रक्चरिंग की घोषणा
कंपनी ने अपने कारोबार को चार अलग-अलग ग्लोबल डिवीजनों में पुनर्गठित करने की भी घोषणा की है: कोरोज़न-रेसिस्टेंट टेक्नोलॉजीज, प्रोसेस परफॉरमेंस टेक्नोलॉजीज, हेवी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज और प्रोसेस सिस्टम टेक्नोलॉजीज। इसका उद्देश्य ग्रोथ, विविधीकरण और लागत दक्षता को बढ़ाना है। इसके अलावा, GMM Pfaudler अपनी आंतरिक कमाई से Q2 FY27 के अंत तक लगभग EUR 7 मिलियन का कर्ज़ चुकाने की योजना बना रही है। डिविडेंड भुगतान की आवृत्ति को सेमी-एनुअल से एनुअल (वार्षिक) कर दिया गया है।
आगे क्या?
निवेशकों को कंपनी के EBITDA प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए, खासकर नए चार-डिवीजन स्ट्रक्चर का ऑपरेटिंग मार्जिन पर क्या असर पड़ता है। कर्ज़ चुकाने की प्रगति और ऑर्डर इंटेक व बैकलाग में वृद्धि की निरंतरता भी महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
