Gujarat Mineral Development Corporation (GMDC) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹9.50 प्रति शेयर डिविडेंड (Dividend) का ऐलान किया है। कंपनी ने गुजरात सरकार को उसके 74% हिस्सेदारी के बदले ₹223.55 करोड़ का चेक सौंपा है।
डिविडेंड और मुनाफे का गणित
कंपनी ने अपने ₹2 के फेस वैल्यू वाले शेयर पर 475% का भारी डिविडेंड देने का फैसला किया है। इस वित्तीय वर्ष में कुल डिविडेंड पेआउट ₹302.10 करोड़ रहा है, जो कंपनी के स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (PAT) का लगभग 30% है। गौरतलब है कि कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹990.81 करोड़ दर्ज किया गया है, जिसमें जीएसटी (GST) दरों के युक्तिकरण से मिला ₹522.65 करोड़ का एक्सेप्शनल गेन भी शामिल है।
पिछले 5 सालों का रिकॉर्ड
GMDC ने राज्य सरकार के खजाने में लगातार योगदान दिया है। पिछले पांच फाइनेंशियल ईयर (FY 2021-22 से FY 2025-26) के दौरान सरकार को दिए गए डिविडेंड का आंकड़ा ₹1,050 करोड़ के पार निकल चुका है।
भविष्य की रणनीति
एमडी (MD) अजय भादू के नेतृत्व में कंपनी अब केवल लिग्नाइट पर निर्भर रहने के बजाय अपने पोर्टफोलियो में विविधता ला रही है। कंपनी ओडिशा में तीन कोल ब्लॉक्स विकसित कर रही है और तांबा (Copper) व रेयर अर्थ एलिमेंट्स के क्षेत्र में भी कदम बढ़ा रही है। इसके साथ ही, कंपनी 205.9 MW की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के जरिए अपने पोर्टफोलियो को ग्रीन एनर्जी की ओर ले जा रही है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
आने वाले समय में निवेशकों की नजर ओडिशा के कोल ब्लॉक्स के विकास और कंपनी द्वारा क्रिटिकल मिनरल एक्सप्लोरेशन (Critical Mineral Exploration) पर होनी चाहिए। साथ ही, 250 MW के अक्रिमोटा थर्मल पावर स्टेशन की ऑपरेशनल स्टेबिलिटी कंपनी की भविष्य की कमाई के लिए एक अहम पैमाना साबित होगी।
