G.K.P. Printing & Packaging Ltd अपनी 8वीं AGM में Vapi स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को प्रमोटर ग्रुप को **₹15 करोड़** में बेचने की मंजूरी मांगेगी। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल पालघर स्थित अपने मुख्य प्लांट को मजबूत करने के लिए करेगी।
स्ट्रैटेजिक सेल की पूरी कहानी
कंपनी ने 29 सितंबर, 2026 को अपनी 8वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुलाई है। इस मीटिंग में सबसे बड़ा एजेंडा 'Radhamadhav Eco Industrial Park' में स्थित Vapi यूनिट का विनिवेश (Divestment) है। इसे प्रमोटर ग्रुप को ₹15 करोड़ तक के मूल्य में बेचने की योजना है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
फरवरी 2022 में अधिग्रहण के बाद से ही यह यूनिट कम उपयोग (Under-utilization) और हाई ओवरहेड कॉस्ट की समस्या से जूझ रही थी। यह यूनिट कंपनी के कुल रेवेन्यू का 20% से भी कम हिस्सा है। अपनी मुख्य ऑपरेशंस यानी पालघर प्लांट पर ध्यान केंद्रित करने और लिक्विडिटी सुधारने के लिए कंपनी ने इस एसेट को बेचने का फैसला किया है।
माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स का क्या होगा?
प्रमोटर-लेड ट्रांजैक्शन होने के कारण, निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए खास सुरक्षा घेरे बनाए गए हैं:
- डील की कीमत इंडिपेंडेंट वैल्युएशन या 'जंत्री' वैल्यू में से जो ज्यादा होगी, उसी पर तय होगी।
- प्रमोटर्स को बेचने से पहले थर्ड-पार्टी बिडिंग के जरिए मार्केट टेस्टिंग की जाएगी।
- ऑडिट कमिटी की मंजूरी अनिवार्य है।
आगे क्या ट्रैक करें?
अगला बड़ा ट्रिगर AGM में होने वाली वोटिंग है। निवेशकों को यह देखना होगा कि सेल से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल पालघर प्लांट के वर्किंग कैपिटल क्रंच को दूर करने में कितनी कुशलता से किया जाता है। यदि मैनेजमेंट इन फंड्स से ऑपरेशंस को सुधारने में विफल रहता है, तो यह लॉन्ग-टर्म वैल्यू के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
