GHV Infra Projects ने FY26 में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अपना रेवेन्यू **228%** बढ़ाकर **₹605.53 करोड़** दर्ज किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट दोगुना होकर **₹42.26 करोड़** पर पहुंच गया है, और ऑर्डर बुक अब **₹19,000 करोड़** के पार है।
शानदार परफॉर्मेंस की इनसाइड स्टोरी
कंपनी की 49वीं एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, FY 2025-26 में ऑपरेशनल स्केल में बड़ा बदलाव आया है। पिछले साल के ₹17.15 करोड़ के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट इस बार ₹42.26 करोड़ रहा। कंपनी अब अपने कारोबार को UAE, USA और अफ्रीका जैसे विदेशी बाजारों में तेजी से फैला रही है, जिसका सीधा फायदा रेवेन्यू ग्रोथ में दिख रहा है।
ऑर्डर बुक और भौगोलिक संतुलन
कंपनी का ऑर्डर बुक मार्च 2026 में ₹9,100 करोड़ था, जो जून 2026 तक उछलकर ₹19,000 करोड़ से अधिक हो गया है। राहत की बात यह है कि कामकाज अब संतुलित है—46% घरेलू प्रोजेक्ट्स हैं और 54% इंटरनेशनल मार्केट से आते हैं, जिससे रिस्क काफी कम हो गया है।
कॉरपोरेट बदलाव और रिस्क फैक्टर
बोर्ड ने हुसैना ए. मुसमजी को 'प्रमोटर' से 'पब्लिक' शेयरहोल्डर श्रेणी में रीक्लासिफाई करने की मंजूरी दी है। हालांकि, तेजी के साथ कुछ चुनौतियां भी हैं। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो पिछले साल के 0.73 से बढ़कर 1.55 गुना हो गया है। निवेशकों को इस वर्किंग कैपिटल प्रेशर पर नजर रखनी होगी।
आगे क्या होगा?
कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं दिया है, क्योंकि मैनेजमेंट का पूरा फोकस मुनाफे को हाइवे, रेलवे और डेटा सेंटर जैसे प्रोजेक्ट्स में फिर से निवेश करने पर है। अब सभी की निगाहें 25 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी हैं, जहां मार्जिन और कर्ज कम करने की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
