GEM Enviro Management ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹95.55 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन रेगुलेटरी बदलावों के चलते नेट प्रॉफिट **₹4.65 करोड़** पर सिमट गया है।
फाइनेंशियल रिजल्ट्स का गणित
कंपनी ने शानदार टॉप-लाइन ग्रोथ दिखाई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹59.20 करोड़ से बढ़कर ₹95.55 करोड़ हो गया है। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर निराशा हाथ लगी है; प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹6.09 करोड़ से गिरकर ₹4.65 करोड़ पर आ गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने ₹5 की फेस वैल्यू पर ₹0.25 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है।
मार्जिन पर क्यों पड़ा असर?
इस मुनाफे में कमी के पीछे Central Pollution Control Board (CPCB) का नया EPRETP प्लेटफॉर्म है। इस प्लेटफॉर्म के आने से EPR सर्टिफिकेट मार्केट में कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव (Volatality) देखने को मिला है, जिससे कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ा है।
भविष्य की रणनीति और नए कदम
अब कंपनी अपना दायरा बढ़ा रही है। GEM Enviro Management ने ESG एडवाइजरी और वेस्ट मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी की तरफ कदम बढ़ाया है। इसके तहत 3 अप्रैल 2026 को 'GEM Ecomind Limited' नाम का एक नया जॉइंट वेंचर शुरू किया गया है, जिसमें कंपनी के पास 51% हिस्सेदारी है। साथ ही, कंपनी अपना रजिस्टर्ड ऑफिस दिल्ली से उत्तर प्रदेश शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है और 28 सितंबर 2026 को अपनी 13वीं एनुअल जनरल मीटिंग आयोजित करेगी।
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या कंपनी नए ESG वर्टिकल्स के जरिए इन मार्जिन के नुकसान की भरपाई कर पाती है या नहीं।
