GE Power India ने शानदार वापसी की है! कंपनी ने पॉजिटिव EBITDA दर्ज किया है और मार्च 2026 तक नेट वर्थ में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। घाटे वाले Durgapur यूनिट को JSW Energy को डीमार्ज़ (Demerge) करने का फैसला कंपनी के मुनाफे को और बढ़ाएगा।
GE Power India के लिए पिछले दो साल शानदार रहे हैं, कंपनी ने खराब वित्तीय हालातों से उबरकर अब स्थिरता और ग्रोथ का रास्ता पकड़ा है। कंपनी अब हाई-मार्जिन और कैश-जनरेटिंग अवसरों पर फोकस कर रही है।
अहम वित्तीय आंकड़े:
- मार्च 2026 तक कंपनी का नेट वर्थ बढ़कर ₹483 करोड़ होने का अनुमान है, जो मार्च 2024 में सिर्फ ₹57 करोड़ था।
- FY 2026 में EBITDA ₹277 करोड़ पॉजिटिव रहा, जबकि FY 2023 में ₹251 करोड़ का घाटा था।
- मार्च 2026 तक कंपनी की लिक्विडिटी पोजीशन सुधरकर ₹880 करोड़ हो गई है, जो 2023 में ₹66 करोड़ के डेफिसिट में थी।
- बैंक गारंटी एक्सपोजर को ₹1,364 करोड़ तक कम कर दिया गया है।
ऑर्डर बुक में ग्रोथ:
सर्विस-लेड बिजनेस मॉडल के दम पर ऑर्डर बुक में लगातार ग्रोथ देखी जा रही है:
- कोर सर्विसेज ऑर्डर बुकिंग 2021-2022 में ₹299 करोड़ से बढ़कर 2025-2026 में ₹734 करोड़ हो गई है।
- oOEM सेगमेंट में भी बुकिंग ₹162 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹320 करोड़ हो गई है।
Durgapur बिजनेस का डीमार्जर:
कंपनी के बोर्ड ने Durgapur बिजनेस को JSW Energy को डीमार्ज़ करने की मंजूरी दे दी है। यह यूनिट भारी अंडरयूटिलाइजेशन के कारण FY 2023 से FY 2025 तक औसतन ₹27 करोड़ प्रति वर्ष का घाटा झेल रही थी।
शेयरधारकों को GE Power India के हर 139 शेयरों के बदले JSW Energy के 10 फुली पेड-अप इक्विटी शेयर मिलेंगे।
JSW Energy के साथ एक पांच साल का मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज एग्रीमेंट भी किया गया है ताकि ऑपरेशन्स में कोई रुकावट न आए।
मुख्य बात: कंपनी ने वैल्यू पर फोकस करके टर्नअराउंड हासिल किया है। Durgapur यूनिट के डीमार्जर से कोर सर्विसेज की प्रॉफिटेबिलिटी और बढ़ेगी।
