GE Power India ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **21.2%** बढ़कर **₹1,269.3 करोड़** और नेट प्रॉफिट **23.2%** बढ़कर **₹236.36 करोड़** हो गया है। इसके साथ ही, बोर्ड ने Durgapur फैसिलिटी के डीमर्जर को भी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत शेयरहोल्डर्स को JSW Energy के शेयर मिलेंगे।
GE Power India ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹1,047.1 करोड़ की तुलना में 21.2% बढ़कर ₹1,269.3 करोड़ हो गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी 23.2% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹191.81 करोड़ (FY25) से बढ़कर ₹236.36 करोड़ (FY26) हो गया है।
डीमर्जर और डिविडेंड का ऐलान
इन नतीजों के साथ, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने एक महत्वपूर्ण फैसले में अपनी Durgapur फैसिलिटी के डीमर्जर (Demerger) और ट्रांसफर के लिए एक स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, कंपनी ने ₹7 प्रति शेयर (70%) का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की भी सिफारिश की है।
क्यों यह खबर अहम है?
GE Power India का यह प्रदर्शन कंपनी के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो मुख्य सेवाओं और एसेट-लाइट मॉडल की ओर रणनीतिक बदलाव का नतीजा है। JSW Energy के साथ शेयर स्वैप (Share Swap) के माध्यम से Durgapur फैसिलिटी का डीमर्जर, वैल्यू अनलॉक करने के उद्देश्य से एक बड़ा कॉर्पोरेट पुनर्गठन (Corporate Restructuring) है। वहीं, प्रस्तावित डिविडेंड शेयरधारकों को सीधा रिटर्न प्रदान करता है।
आगे क्या?
Durgapur फैसिलिटी का डीमर्जर ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करने और एक फोकस्ड बिजनेस स्ट्रक्चर बनाने की उम्मीद है। GE Power India के शेयरधारकों को उनके हर 139 शेयर के बदले JSW Energy के 139 शेयर मिलेंगे। कंपनी के पास 31 मार्च 2026 तक ₹1,627.8 करोड़ का ऑर्डर बैकलॉग (Order Backlog) है।
जोखिम (Risks)
कंपनी के लिए एक बड़ा जोखिम गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से जुड़ा विवाद है, जिसमें FY 2018-2021 की अवधि के लिए लगभग ₹31.95 करोड़ का जुर्माना शामिल है। इस मुकदमे का परिणाम, जो वर्तमान में कमिश्नर अपील, उत्तर प्रदेश के समक्ष लंबित है, भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है। डीमर्जर प्रक्रिया का सफल समापन, जो रेगुलेटरी और शेयरधारक की मंजूरी पर निर्भर करता है, भी महत्वपूर्ण है।
