GE Power India ने Q1 FY27 में अपने नेट प्रॉफिट में **66%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो **₹52.55 करोड़** तक पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी कंपनी के बेहतर ऑपरेशनल परफॉरमेंस का नतीजा है। हालांकि, दूसरी तरफ, कंपनी के ऑर्डर बुक में **41.4%** की बड़ी गिरावट आई है, जो **₹1,545.4 करोड़** रह गया है। यह गिरावट कॉन्ट्रैक्ट कैंसिलेशन के चलते हुई है।
Q1 FY27 में GE Power India का कमाल का प्रदर्शन
GE Power India ने वितीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने स्टैंडअलोन नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹52.55 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही (Q1 FY26) के ₹31.61 करोड़ की तुलना में 66% ज्यादा है। इस दौरान कंपनी की कुल आय थोड़ी बढ़कर ₹340.57 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹339.83 करोड़ थी।
Earnings Per Share (EPS) में भी बड़ी उछाल देखी गई है, जो Q1 FY27 में ₹7.82 रहा, जबकि Q1 FY26 में यह ₹4.70 था।
क्यों चिंता का विषय है ऑर्डर बुक में गिरावट?
मुनाफे में शानदार बढ़ोतरी के बावजूद, निवेशकों की नज़र कंपनी के ऑर्डर बुक पर भी रहेगी, जो 41.4% घटकर ₹1,545.4 करोड़ रह गया है (30 जून, 2026 तक)। यह गिरावट मुख्य रूप से दो इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट (EP) कॉन्ट्रैक्ट्स के रद्द होने की वजह से आई है। ये कॉन्ट्रैक्ट्स Flue Gas Desulfurization (FGD) प्रोजेक्ट्स (Jaypee Bina और Nigrie) से जुड़े थे, जिनकी कुल वैल्यू ₹774.9 करोड़ थी।
ऑर्डर बुक में यह कमी भविष्य की रेवेन्यू विजिबिलिटी को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि हाई-मार्जिन, शॉर्ट-साइकिल प्रोजेक्ट्स पर फोकस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के चलते इस तिमाही में प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ी है।
कंपनी की पिछली रणनीति और बदलाव
GE Power India अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजी में बदलाव कर रही है और अब हाई-मार्जिन प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दे रही है। कंपनी ने हाल ही में अपने दुर्गापुर फैसिलिटी को JSW Energy Limited को डीमर्ज करने की घोषणा की थी, जो 1 जुलाई, 2025 से प्रभावी होगी। इस फैसिलिटी के ऑपरेशन्स को अब डिस्कंटिन्यूड माना जा रहा है।
आगे क्या उम्मीदें?
कंपनी का लक्ष्य 'ऑपरेशनल एक्सीलेंस' और बेहतर एग्जीक्यूशन के ज़रिए इस वितीय वर्ष में आगे बढ़ना है, खासकर सर्विस और अपग्रेड्स के क्षेत्र में। मैनेजमेंट का मानना है कि पतले पोर्टफोलियो और स्ट्रेटेजिक बदलाव से कंपनी FY27 के बाकी बचे समय के लिए बेहतर स्थिति में है।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
सबसे बड़ा जोखिम ऑर्डर बुक में आई भारी कमी है और कंपनी की नई ऑर्डर्स हासिल करके इस कमी को पूरा करने की क्षमता। दुर्गापुर फैसिलिटी के डीमर्जर का सफल समापन भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर रहेगा जिस पर नज़र रखनी होगी।
भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बातें
निवेशकों को कंपनी द्वारा नए ऑर्डर्स हासिल करने के प्रयासों और दुर्गापुर फैसिलिटी के डीमर्जर की प्रगति पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए। ऑपरेशनल एफिशिएंसी के ज़रिए मार्जिन बढ़ाने पर लगातार फोकस कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
