G R Infraprojects ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट **₹161.03 करोड़** रहा है। हालांकि कंपनी की सालाना आय में **54.7%** की जबरदस्त उछाल आई है, लेकिन तिमाही-दर-तिमाही आधार पर प्रदर्शन में थोड़ी सुस्ती देखी गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी की स्टैंडअलोन टोटल इनकम ₹2,091.87 करोड़ रही। पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले इसमें 54.72% का बड़ा उछाल देखने को मिला है। हालांकि, पिछली तिमाही (QoQ) की तुलना में आय में 15.91% और नेट प्रॉफिट में 20.92% की गिरावट दर्ज की गई है।
ऑर्डर बुक और सरकारी निर्भरता
कंपनी की भविष्य की राह मजबूत दिख रही है, जिसकी बड़ी वजह ₹24,576.6 करोड़ की विशाल ऑर्डर बुक है। इसमें 69% हिस्सा रोड प्रोजेक्ट्स का है। ध्यान देने वाली बात यह है कि कंपनी के कुल काम का 63% हिस्सा NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) से आता है, जिससे सरकारी खर्चों पर कंपनी की निर्भरता साफ झलकती है। इसके अलावा, कैपिटल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए कंपनी ने 13 HAM एसेट्स को Indus Infra Trust में ट्रांसफर किया है।
कर्ज का गणित और जोखिम
कंपनी का स्टैंडअलोन कर्ज ₹401.19 करोड़ है, जबकि कंसोलिडेटेड आधार पर यह बढ़कर ₹5,999.66 करोड़ पहुंच गया है। मैनेजमेंट का फोकस ऑपरेशन्स के लिए ₹211.80 करोड़ के कैश और बैंक बैलेंस को बनाए रखने पर है।
निवेशकों को कंपनी के घटते EBITDA मार्जिन और कंसोलिडेटेड कर्ज के प्रति सतर्क रहना चाहिए। आने वाले समय में प्रोजेक्ट के निष्पादन (Execution) में देरी मुनाफे पर असर डाल सकती है।
मुख्य आंकड़े (Context Metrics)
- टोटल ऑर्डर बुक: ₹24,576.6 करोड़
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट: ₹290.30 करोड़
- रोड सेक्टर में एक्सपोजर: 69%
