G R Infraprojects ने Q1 FY27 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में **40.06%** का उछाल आया है और यह **₹2,784.11 करोड़** पर पहुंच गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में **46.39%** की वृद्धि देखी गई, जो **₹357.79 करोड़** रहा।
G R Infraprojects ने Q1 FY27 में शानदार प्रदर्शन किया
कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की पहली तिमाही (Q1 FY26) के ₹1,987.79 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹2,784.11 करोड़ हो गया है। यह 40.06% की जोरदार बढ़ोतरी है। इसी के साथ, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी ₹244.41 करोड़ से बढ़कर ₹357.79 करोड़ हो गया है, जो 46.39% का इजाफा दर्शाता है।
रेवेन्यू के मुख्य स्त्रोत
कंपनी के रेवेन्यू में EPC और BOT/Annuity सेगमेंट का बड़ा योगदान है। BOT/Annuity सेगमेंट से ₹1,712.96 करोड़ का रेवेन्यू और ₹294.30 करोड़ का सेगमेंट रिजल्ट आया है। वहीं, EPC सेगमेंट ने ₹892.21 करोड़ का रेवेन्यू और ₹142.29 करोड़ का सेगमेंट रिजल्ट दर्ज किया। 'अन्य' सेगमेंट से ₹178.94 करोड़ का रेवेन्यू मिला।
इस तिमाही में, कंपनी ने अपनी हाईवे सब्सिडियरी की बिक्री से लाभ कमाया और Indus Infra Trust के माध्यम से QIP/प्रिफरेंशियल इश्यू भी किया। इसके बाद, Indus Infra Trust में कंपनी की हिस्सेदारी 43.56% से घटकर 31.58% रह गई है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
रेवेन्यू और मुनाफे में यह मजबूत साल-दर-साल ग्रोथ कंपनी के बेहतरीन ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन को दिखाता है। BOT/Annuity सेगमेंट का लगातार दबदबा इसकी रणनीतिक अहमियत और मुनाफे को रेखांकित करता है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के कानूनी और रेगुलेटरी चुनौतियों से निपटने की क्षमता पर भी नजर रखनी होगी, ताकि यह ग्रोथ बनी रहे।
भविष्य की राह और जोखिम
G R Infraprojects इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की एक बड़ी कंपनी है, जो मुख्य रूप से रोड और हाईवे के निर्माण और विकास में लगी हुई है। कंपनी के सामने दो महत्वपूर्ण कानूनी मामले हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए: जून 2022 में शुरू हुई CBI की जांच, जो गौहाटी हाई कोर्ट में विचाराधीन है, और आयकर विभाग द्वारा की गई तलाशी। कंपनी इन मामलों का सामना कर रही है और इनका व्यवसाय पर कोई असर नहीं पड़ा है। भविष्य में इन जांचों से जुड़े किसी भी अपडेट पर नजर रखनी होगी।
