G G Engineering का प्रदर्शन फिसला है और कंपनी ने FY26 में **₹45.54 लाख** का नेट लॉस दर्ज किया है। वहीं, BSE द्वारा कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग पर लगाई गई रोक अभी भी जारी है, जिससे निवेशकों की लिक्विडिटी पूरी तरह फंस गई है।
मुनाफे से नुकसान में कंपनी
बीते फाइनेंशियल ईयर FY26 में G G Engineering के आंकड़ों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी ने ₹45.54 लाख का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले साल (FY25) में कंपनी ने ₹768.20 लाख का मुनाफा कमाया था। इसके अलावा, कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी घटकर ₹16,590.05 लाख पर आ गया है, जो पहले ₹17,803.22 लाख था।
ट्रेडिंग सस्पेंशन और कानूनी पेच
कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस एड्रेस को लेकर नियमों के पालन न करने के कारण, BSE ने 11 जून, 2026 से कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग रोक दी है। यह सस्पेंशन निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम है, क्योंकि वे फिलहाल अपने शेयरों को न तो बेच पा रहे हैं और न ही कोई एडजस्टमेंट कर पा रहे हैं।
मर्जर और ऑडिटर्स का अलर्ट
Integra Essentia Limited के साथ कंपनी के विलय (Amalgamation) की योजना NCLT में लंबित है। हालांकि इसे बोर्ड और शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। इसके अलावा, ऑडिटर्स ने 'Nakshatra Special Situation Fund' में किए गए ₹7.50 करोड़ के निवेश के वैल्यूएशन पर सवाल उठाए हैं, जिसे लेकर स्पष्ट सबूतों की कमी बताई गई है।
आगे क्या होगा?
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि वे रजिस्टर्ड ऑफिस को दिल्ली शिफ्ट करने की प्रक्रिया में हैं ताकि रेगुलेटरी विवाद को सुलझाया जा सके। फिलहाल निवेशकों को NCLT की सुनवाई और BSE के अगले आधिकारिक नोटिफिकेशन पर नजर रखनी चाहिए।
