Futura Polyesters: ₹101.99 करोड़ का भारी नुकसान, कंपनी 12 साल से बंद

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AuthorNeha Patil|Published at:
Futura Polyesters: ₹101.99 करोड़ का भारी नुकसान, कंपनी 12 साल से बंद
Overview

Futura Polyesters लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए **₹101.99 करोड़** का भारी शुद्ध नुकसान दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। कंपनी साल 2012 से नॉन-ऑपरेशनल (Non-operational) है और इसका मुख्य ध्यान अपनी जमीन बेचने और बकाया चुकाने पर है। कंपनी के शेयरों में साल 2013 से ट्रेडिंग बंद है।

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Futura Polyesters Ltd.: FY25 के नतीजों में बढ़ा घाटा, कंपनी अभी भी नॉन-ऑपरेशनल

FY25 में शुद्ध नुकसान: ₹101.99 करोड़
FY25 में बंद ऑपरेशन्स से राजस्व: ₹9.14 करोड़

निवेशकों के लिए खास बात: कर्ज सेटलमेंट में मिली सफलता, लेकिन बढ़ते घाटे और लगातार बंद ऑपरेशन्स ने मुश्किल बढ़ाई।

क्या हुआ?

Futura Polyesters Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के नतीजे जारी किए हैं, जिसके मुताबिक कंपनी को ₹101.99 करोड़ का शुद्ध नुकसान (Net Loss) हुआ है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के ₹5.66 करोड़ के नुकसान के मुकाबले काफी बड़ी बढ़ोतरी है। कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹111.13 करोड़ हो गया, जो FY2023-24 में सिर्फ ₹5.79 करोड़ था।

यह क्यों मायने रखता है?

बढ़ता घाटा कंपनी पर वित्तीय दबाव को दिखाता है, जो दिसंबर 2012 से बंद पड़ी है। जून 2025 में ₹243.45 करोड़ का वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) पूरा करने के बावजूद, कंपनी को अभी भी काफी वित्तीय और ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। साल 2013 से ट्रेडिंग पर लगी रोक के कारण शेयरधारकों के लिए तत्काल कोई समाधान नहीं दिख रहा है।

पूरी कहानी

Futura Polyesters एक दशक से भी ज्यादा समय से बंद पड़ी है, इसके ऑपरेशन्स दिसंबर 2012 में रोक दिए गए थे। 31 मार्च 2025 तक कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) घटकर ₹528.76 करोड़ के नकारात्मक स्तर पर पहुंच गई है। कंपनी की मौजूदा रणनीति चेन्नई में अपनी बची हुई जमीन को बेचकर अपनी देनदारियों को पूरा करना है।

अब क्या बदलेगा?

OTS सेटलमेंट पूरा होने और फरवरी 2026 में बैंकिंग एक्सेस बहाल होने के बाद, कंपनी अब अपनी एसेट मोनेटाइजेशन (Asset Monetization) रणनीति पर ध्यान केंद्रित कर सकती है। बोर्ड वैधानिक अनुपालन (Statutory Compliances) और बोर्ड कंपोजीशन को नियमित करने को प्राथमिकता दे रहा है। बाकी बची 40.96 एकड़ जमीन की सफल बिक्री कर्मचारियों, लेनदारों और अधिकारियों के प्रति अपनी देनदारियों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है।

जोखिम

ऑडिटर की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की नकारात्मक नेट वर्थ और बकाया देनदारियों के कारण 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) को लेकर गंभीर अनिश्चितता बनी हुई है। गवर्नेंस के मुद्दे, जैसे अयोग्य निदेशक और अपर्याप्त बोर्ड कंपोजीशन, प्रशासनिक स्थिरता के लिए और जोखिम पैदा करते हैं। BSE पर 2013 से लगी अनिश्चितकालीन ट्रेडिंग की रोक निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता बनी हुई है।

महत्वपूर्ण आंकड़े

31 मार्च 2025 तक, Futura Polyesters की नेट वर्थ ₹528.76 करोड़ नकारात्मक थी। कंपनी ने जून 2025 में ₹243.45 करोड़ का OTS सेटलमेंट पूरा किया, और फरवरी 2026 में बैंकिंग एक्सेस को नियमित किया गया। इसके इक्विटी शेयर 2013 से BSE पर ट्रेडिंग के लिए निलंबित हैं।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को चेन्नई में जमीन की बिक्री की प्रगति और कंपनी की बोर्ड कंपोजीशन को नियमित करने और वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। BSE पर ट्रेडिंग सस्पेंशन को हटाने की किसी भी संभावित दिशा में प्रगति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.