Finolex Industries ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने Q2 रेवेन्यू में **27%** की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब **₹1,094 करोड़** हो गया है। कंपनी की सेल्स वॉल्यूम में **28%** का इजाफा हुआ है, लेकिन रॉ मटेरियल की कीमतों के असर के कारण कंपनी का प्रॉफिट लगभग सपाट रहा।
मुनाफे में क्यों आई सुस्ती?
कंपनी ने इस तिमाही में ₹1,094 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है, जिसे 83,407 MT की जबरदस्त सेल्स वॉल्यूम का सपोर्ट मिला है। हालांकि, पीबीटी (PBT) पिछले साल के ₹158 करोड़ के मुकाबले मामूली गिरावट के साथ ₹153 करोड़ पर रहा। इसकी मुख्य वजह कच्चे माल की खरीद और इस्तेमाल के बीच का समय (टाइम लैग) है, जिसने मार्जिन पर दबाव बनाया है। मैनेजमेंट का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर के लिए उनका 14-15% का EBITDA मार्जिन का लक्ष्य बरकरार है।
ऑपरेशन्स और कैश की स्थिति
कंपनी की मौजूदा कैपेसिटी 520,000 MT है, जिसमें फिलहाल 68% का यूटिलाइजेशन हो रहा है। पोर्टफोलियो में 60% हिस्सेदारी एग्रीकल्चर सेगमेंट की और 40% नॉन-एग्रीकल्चर सेगमेंट की है। इसके अलावा, कंपनी के पास 30 सितंबर, 2026 तक ₹2,584 करोड़ का मजबूत कैश रिजर्व मौजूद है।
भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां
FY27 के लिए कंपनी ने ₹150 करोड़ का कैपेक्स (Capex) प्लान किया है, जो मुख्य रूप से पुरानी मशीनों को बदलने और ऑपरेशन्स को बेहतर बनाने पर खर्च होगा। हालांकि, मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव और मानसून के दौरान VCM लाइन का बंद होना शॉर्ट-टर्म में सप्लाई चेन के लिए रिस्क बना हुआ है। अब निवेशकों की नजर दूसरी छमाही पर है, जहां सीजनल डिमांड के कारण बेहतर नतीजों की उम्मीद जताई जा रही है।
