Exide Industries Q1 FY27: रेवेन्यू में **17.6%** की जबरदस्त उछाल, EBITDA **19.5%** बढ़कर ₹655 करोड़ हुआ

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Exide Industries Q1 FY27: रेवेन्यू में **17.6%** की जबरदस्त उछाल, EBITDA **19.5%** बढ़कर ₹655 करोड़ हुआ

Exide Industries ने Q1 FY27 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने रेवेन्यू में **17.6%** की जबरदस्त सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। ऑटोमोटिव और होम यूपीएस सेगमेंट से मिली मजबूती के दम पर कंपनी का EBITDA भी **19.5%** बढ़कर **₹655 करोड़** पर पहुंच गया है। कंपनी अपनी लिथियम-आयन गीगाफैक्ट्री में भी तेजी से काम कर रही है और सैंपल डिलीवरी शुरू हो चुकी है।

Exide Industries Q1 FY27: दमदार ग्रोथ और लिथियम-आयन में बड़ी तैयारी

Exide Industries ने Q1 FY27 में अपने स्टैंडअलोन रेवेन्यू में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 17.6% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब ₹655 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी के EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में भी 19.5% का जबरदस्त उछाल आया है और यह ₹655 करोड़ हो गया है। EBITDA मार्जिन में भी 20 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ है, जो अब 12.4% पर है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

कंपनी के नतीजे बताते हैं कि ऑटोमोटिव और होम यूपीएस जैसे प्रमुख सेगमेंट्स में मांग मजबूत बनी हुई है। सबसे अहम बात यह है कि Exide अपनी महत्वाकांक्षी लिथियम-आयन गीगाफैक्ट्री में तेजी से प्रगति कर रही है। कंपनी ने बैंगलोर स्थित अपनी इस फैक्टी से NCM सिलिंड्रिकल और LFP प्रिज्मीटिक लाइनों के लिए ग्राहक सैंपल की डिलीवरी शुरू कर दी है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और एनर्जी स्टोरेज जैसे भविष्य के बड़े सेक्टर्स में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

कंपनी की रणनीति और भविष्य की राह

Exide, जो कि पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी मार्केट की एक दिग्गज कंपनी है, अब लिथियम-आयन बैटरी के क्षेत्र में बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी का लक्ष्य FY27 से लोकल रेवेन्यू में योगदान शुरू करना है और अगले 2-3 सालों में अपने बिल ऑफ मटेरियल्स का 50-60% लोकलाइज करने पर काम कर रही है, ताकि इंपोर्ट से जुड़े जोखिमों को कम किया जा सके।

ध्यान देने योग्य जोखिम

हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। नवंबर 2026 में चीन के एक्सपोर्ट कंट्रोल रेगुलेशंस लागू हो सकते हैं, जिससे सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। Exide इस जोखिम से निपटने के लिए अपनी इन्वेंट्री बढ़ा रही है और कंपोनेंट लोकलाइजेशन को प्राथमिकता दे रही है। इसके अलावा, मैनेजमेंट का मानना है कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) मार्केट फिलहाल 'ओवरहाइप्ड' (अतिप्रचारित) हो सकता है, जिस पर कंपनी का रुख सतर्क है।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों को अब Exide की गीगाफैक्ट्री के ऑपरेशनल रैंप-अप, 4-व्हीलर OEMs के साथ कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने में कंपनी की सफलता और रॉ मटेरियल सप्लाई चेन को लोकलाइज करने की दिशा में हो रही प्रगति पर कड़ी नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.