Exide Industries का कमाल! ₹17,268 Cr रेवेन्यू और ₹1,111 Cr मुनाफे के साथ जीरो-डेट पर कंपनी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Exide Industries का कमाल! ₹17,268 Cr रेवेन्यू और ₹1,111 Cr मुनाफे के साथ जीरो-डेट पर कंपनी

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Exide Industries ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **4.1%** बढ़कर **₹17,268 करोड़** हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट **₹1,111 करोड़** रहा। कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है और वह लिथियम-आयन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में भारी निवेश कर रही है।

Exide Industries FY26 रिजल्ट्स: रेवेन्यू में मामूली बढ़त, प्रॉफिट में अच्छी ग्रोथ

Exide Industries ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹17,268.92 करोड़ का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹16,588.11 करोड़ की तुलना में 4.1% की बढ़ोतरी है। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 3.2% का इजाफा हुआ और यह ₹1,111.33 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹1,076.93 करोड़ था। कंपनी ने अपनी मजबूत जीरो-डेट फाइनेंशियल पोजीशन पर भी जोर दिया।

क्यों यह अहम है?

ये नतीजे बताते हैं कि बदलते बाजार के बीच Exide के कोर बैटरी बिजनेस में मजबूती बनी हुई है। रेवेन्यू और प्रॉफिट में ग्रोथ के साथ-साथ जीरो-डेट बैलेंस शीट कंपनी को फाइनेंशियल मजबूती देती है। यह फ्लेक्सिबिलिटी लिथियम-आयन बैटरी जैसी नई टेक्नोलॉजी में रणनीतिक निवेश के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे कंपनी एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में भविष्य की ग्रोथ के लिए तैयार है।

कंपनी की तैयारी

Exide अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, Exide Energy Solutions Limited (EESL) में आक्रामक रूप से निवेश कर रही है। 31 मार्च, 2026 तक कुल इक्विटी निवेश ₹4,802 करोड़ का है। इस कदम का मकसद डोमेस्टिक लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं तैयार करना है। कंपनी को उम्मीद है कि EESL से शुरुआती कमर्शियल सप्लाई फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में शुरू हो जाएगी।

जोखिम पर भी नजर

दो मुख्य चिंताएं सामने आई हैं: टेलीकॉम सेगमेंट में स्ट्रक्चरल गिरावट, क्योंकि बाजार लिथियम-आयन बैटरी की ओर बढ़ रहा है, और इनपुट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव का खतरा, जो खासकर पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनावों के कारण हो सकता है। ये कारक भविष्य में कंपनी के मार्जिन और ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं।

आगे क्या देखना है?

निवेशक EESL फैसिलिटी की प्रगति और उसकी शुरुआती कमर्शियल सप्लाई पर कड़ी नजर रखेंगे। साथ ही, मैनेजमेंट की इनपुट लागत बढ़ने के जोखिमों को कम करने और कुछ सेगमेंट्स में लेड-एसिड बैटरी से दूर जाने की रणनीतियों पर भी कंपनी का भविष्य प्रदर्शन निर्भर करेगा।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.