Exide Industries ने FY26 के लिए ₹17,268.92 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू और ₹1,111.33 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। कंपनी ने **200%** डिविडेंड की सिफारिश की है और लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग में निवेश कर रही है।
Exide Industries के FY26 के नतीजे: मुख्य बातें
रेवेन्यू: ₹17,268.92 करोड़ | PAT: ₹1,111.33 करोड़
निवेशकों के लिए खास: मजबूत कैश फ्लो वाले पुराने बिजनेस के साथ अब लिथियम-आयन में निवेश; जीरो-डेट (Zero-debt) बैलेंस शीट वित्तीय मजबूती देती है।
क्या हुआ?
Exide Industries ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों की घोषणा की है। कंपनी ने ₹17,268.92 करोड़ का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस दर्ज किया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹16,588.11 करोड़ से ज़्यादा है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹1,076.93 करोड़ (FY25) की तुलना में बढ़कर ₹1,111.33 करोड़ हो गया। वहीं, अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹13.07 रहा।
खास बात यह है कि कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर के दौरान जीरो-डेट बैलेंस शीट बनाए रखी।
यह क्यों मायने रखता है?
ये नतीजे Exide के लीड-एसिड बैटरी बिजनेस में लगातार ग्रोथ को दिखाते हैं, जो कंपनी के लिए एक बड़ा कैश जनरेटर बना हुआ है। कंपनी की जीरो-डेट स्थिति एक बड़ी ताकत है, जो उसे वित्तीय लचीलापन प्रदान करती है। Exide Energy Solutions Limited (EESL) के लिए लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा निवेश किया जा रहा है, जो भविष्य की टेक्नोलॉजी की ओर एक रणनीतिक कदम का संकेत देता है।
पृष्ठभूमि
Exide Industries भारत में लीड-एसिड स्टोरेज बैटरी बनाने वाली एक अग्रणी कंपनी है। कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) और एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बाजार की बदलती गतिशीलता के अनुरूप खुद को ढाल रही है।
अब क्या बदलेगा?
Exide Industries ने FY26 के लिए 200% यानी ₹2.00 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की है, जो 10 जुलाई, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा। कंपनी अपनी लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है, जिसका लक्ष्य FY27 तक कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करना है।
जोखिम
कंपनी के मैनेजमेंट ने पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों को एक संभावित जोखिम बताया है। इससे कच्चे माल, खासकर लेड की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। टेलीकॉम सेक्टर का लिथियम-आयन टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ना, उस सेगमेंट में पारंपरिक लीड-एसिड बैटरी की मांग के लिए एक बड़ा स्ट्रक्चरल चैलेंज पेश करता है।
संदर्भ (Metrics)
31 मार्च, 2026 तक Exide Energy Solutions Limited (EESL) में कुल इक्विटी निवेश ₹4,802 करोड़ तक पहुंच गया, जिसमें FY26 के दौरान ₹1,500 करोड़ का निवेश किया गया। Chloride Metals Limited (CML) कंपनी की लेड की जरूरत का लगभग 50% रीसाइक्लिंग के माध्यम से पूरा करती है।
आगे क्या देखें?
निवेशक EESL की लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की प्रगति और FY27 में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने की उसकी क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे। विकसित हो रहे EV बैटरी बाजार में कंपनी का प्रदर्शन और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का प्रबंधन भी महत्वपूर्ण क्षेत्र होंगे।
