Everest Industries को FY26 में ₹100 करोड़ का घाटा, पर बोर्ड ने की ₹1 डिविडेंड की सिफारिश
Everest Industries Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹100.17 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) घोषित किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष में दर्ज ₹14.35 करोड़ के प्रॉफिट से एक बड़ा उलटफेर है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस भी बढ़कर ₹101.69 करोड़ हो गया है।
वित्तीय नतीजे और प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, Everest Industries ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹100.17 करोड़ का नेट लॉस बताया, जबकि FY25 में ₹14.35 करोड़ का प्रॉफिट था। कंसोलिडेटेड आधार पर, यह घाटा ₹101.69 करोड़ रहा।
ऑपरेशन्स से रेवेन्यू (Revenue) में काफी गिरावट आई है, जो स्टैंडअलोन बेसिस पर 20.66% घटकर ₹1,354.24 करोड़ और कंसोलिडेटेड बेसिस पर 17.75% घटकर ₹1,417.00 करोड़ रह गया। रेवेन्यू में आई इस कमी और कुछ खास एकमुश्त खर्चों (one-time charges) ने कंपनी के प्रदर्शन को बुरी तरह प्रभावित किया।
घाटे के बावजूद रणनीतिक डिविडेंड
भारी नेट लॉस के बावजूद, डायरेक्टर्स के बोर्ड ने ₹1.00 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है, जो कि 10% का भुगतान है। यह फैसला, मुश्किल वित्तीय दौर में भी शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, और यह कंपनी के भविष्य की संभावनाओं में विश्वास या निवेशकों का मनोबल बनाए रखने की रणनीति का संकेत देता है।
कंपनी के स्टील बिल्डिंग सेगमेंट (Steel Buildings segment) ने ₹55.05 करोड़ का लॉस दर्ज किया, जो इस क्षेत्र में कमजोरी दिखाता है। इसके विपरीत, बिल्डिंग प्रोडक्ट्स सेगमेंट (Building Products segment) लाभदायक रहा और उसने कंपनी के प्रदर्शन में ₹68.24 करोड़ का योगदान दिया।
मुख्य कारण और भविष्य का अनुमान
इस बड़े नेट लॉस का मुख्य कारण रेवेन्यू में गिरावट और कुछ असाधारण मदें (exceptional items) रहीं। इनमें ₹28.70 करोड़ का इम्पेयरमेंट लॉस (impairment loss) और नए लेबर कोड से प्रभावित ₹16.34 करोड़ का अतिरिक्त ग्रेच्युटी चार्ज (gratuity charge) शामिल हैं। कंपनी ने ऑफिस परिसर की बिक्री से ₹3.05 करोड़ का प्रॉफिट भी दर्ज किया।
निवेशक अब कंपनी की उन रणनीतियों पर ध्यान देंगे जिनसे स्टील बिल्डिंग सेगमेंट की चुनौतियों का सामना किया जा सके और इन एकमुश्त खर्चों के प्रभाव को मैनेज किया जा सके। प्रस्तावित डिविडेंड, हालांकि शेयरधारकों के लिए सकारात्मक है, लेकिन यह कंपनी के कैश फ्लो मैनेजमेंट और टर्नअराउंड पहलों को फंड करने की क्षमता पर सवाल भी खड़े करता है।
भविष्य का प्रदर्शन कंपनी की परिचालन दक्षता (operational efficiency) में सुधार करने, स्टील बिल्डिंग सेगमेंट को फिर से सक्रिय करने और बाहरी आर्थिक कारकों को नेविगेट करने की क्षमता पर निर्भर करेगा। किसी भी टर्नअराउंड रणनीति की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए आगामी तिमाही नतीजों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
