Everest Industries Share: कंपनी का बड़ा फैसला! असम में ₹138 करोड़ का प्लांट रद्द, ₹10.90 करोड़ की जमीन सरेंडर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Everest Industries Share: कंपनी का बड़ा फैसला! असम में ₹138 करोड़ का प्लांट रद्द, ₹10.90 करोड़ की जमीन सरेंडर

Everest Industries ने अपने निवेशकों को चौंका दिया है। कंपनी ने असम में ₹138 करोड़ की लागत से फाइबर सीमेंट बोर्ड प्लांट लगाने की योजना को रद्द कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के लिए ₹10.90 करोड़ की जमीन सरेंडर की जाएगी, हालांकि कंपनी का कहना है कि इससे वित्तीय स्थिति पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।

असम में प्लांट का ख्वाब खत्म

Everest Industries लिमिटेड ने असम में ₹138 करोड़ के नए फाइबर सीमेंट बोर्ड प्लांट के लिए अपनी नियोजित पूंजीगत व्यय (CAPEX) योजना को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। यह फैसला कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, Everest Buildpro Private Limited (EBPL) द्वारा लिया गया है।

निवेशकों के लिए खास: कंपनी ने विस्तार योजनाओं में बदलाव किया है; ₹138 करोड़ के CAPEX को वापस लेने से कोई वित्तीय प्रभाव न पड़ने का आश्वासन।

क्या हुआ?

EBPL ने 3 जुलाई, 2026 को हुई एक बोर्ड मीटिंग में इस पूंजीगत व्यय को वापस लेने का निर्णय लिया। यह निवेश असम के मटिया, गोलपारा में फाइबर सीमेंट बोर्ड प्लांट स्थापित करने के लिए किया जाना था। बोर्ड ने आंतरिक व्यावसायिक कारणों का हवाला देते हुए यह फैसला लिया है।

क्यों है यह अहम?

यह कदम Everest Industries के फाइबर सीमेंट बोर्ड सेगमेंट में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की पहले घोषित की गई योजना पर रोक लगाता है। इस रद्दीकरण का मतलब है कि कंपनी को प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित जमीन लौटानी होगी, जिस पर वह पहले ही ₹10.90 करोड़ खर्च कर चुकी है।

पूरी कहानी

Everest Industries ने शुरू में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए असम में एक महत्वपूर्ण निवेश की योजना बनाई थी। प्लांट के लिए जमीन असम औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (AIDC) द्वारा आवंटित की गई थी। हालांकि, सहायक कंपनी के बोर्ड ने अब परियोजना की व्यवहार्यता का पुनर्मूल्यांकन किया है।

अब क्या बदलेगा?

₹138 करोड़ की CAPEX योजना को छोड़ दिया गया है। जमीन अधिग्रहण पर खर्च किए गए ₹10.90 करोड़ अब डूबत लागत (sunk cost) बन गए हैं, और जमीन वापस कर दी जाएगी। Everest Industries ने निवेशकों को आश्वासन दिया है कि इस निर्णय से उसकी वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

जोखिम पर नजर

हालांकि कंपनी कोई प्रतिकूल वित्तीय प्रभाव न होने का दावा कर रही है, निवेशकों को जमीन अधिग्रहण लागत को बट्टे खाते में डालने (writing off) के किसी भी निहितार्थ की निगरानी करनी चाहिए और इस नियोजित विस्तार की अनुपस्थिति में कंपनी के विकास के दृष्टिकोण का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए।

भविष्य में क्या देखें?

निवेशकों को Everest Industries से संशोधित विकास रणनीतियों, पूंजी आवंटन प्राथमिकताओं और अपने फाइबर सीमेंट बोर्ड उत्पादों के बाजार मांग दृष्टिकोण के संबंध में आगे की जानकारी का इंतजार करना चाहिए।

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