Everest Industries ने अपने Q1 FY25 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का मुनाफ़ा ज़बरदस्त उछाल के साथ **₹107.72 करोड़** (Standalone) दर्ज किया गया है। यह शानदार बढ़ोतरी कंपनी की पोडानूर प्रॉपर्टी की **₹96.15 करोड़** में हुई बिक्री से संभव हुई है। वहीं, कंपनी ने नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए CAPEX प्लान्स भी वापस ले लिए हैं।
Detailed Coverage
प्रॉपर्टी की बंपर बिक्री से मुनाफ़ा!
Everest Industries Ltd. ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹418.70 करोड़ और स्टैंडअलोन प्रॉफिट ₹107.72 करोड़ दर्ज किया है। कंसॉलिडेटेड (Consolidated) आधार पर, रेवेन्यू ₹435.88 करोड़ रहा, जबकि मुनाफ़ा ₹102.09 करोड़ रहा।
इस तिमाही में शानदार प्रॉफिट का मुख्य कारण कंपनी की पोडानूर स्थित प्रॉपर्टी की बिक्री से हुआ ₹96.15 करोड़ का एकमुश्त लाभ (Exceptional Gain) है। अगर इस एकमुश्त आय को हटा दिया जाए, तो कंपनी का ऑपरेशनल प्रॉफिट (Operational Profit) काफी कम होगा।
आगे क्या?
यह बड़ी प्रॉपर्टी डील कंपनी के लिए पिछले तिमाही के नुकसान से बाहर निकलने का एक बड़ा ज़रिया बनी है। पिछली तिमाही (31 मार्च, 2026 को समाप्त) में Everest Industries ने ₹63.53 करोड़ (Standalone) और ₹47.17 करोड़ (Consolidated) का घाटा दर्ज किया था।
हालांकि, एक बड़ा फैसला यह भी लिया गया है कि कंपनी की सब्सिडियरीज़ Everest Steel Building Private Limited और Everest Buildpro Private Limited नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं के लिए अपनी कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) योजनाओं को वापस ले रही हैं। इसके साथ ही आवंटित ज़मीन भी सरेंडर कर दी जाएगी। यह फैसला भविष्य में कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी और विस्तार योजनाओं में बदलाव का संकेत देता है।
निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें
- प्रॉफिट का सच: इस तिमाही का भारी-भरकम प्रॉफिट मुख्य रूप से एसेट मोनेटाइजेशन (Asset Monetization) से आए नॉन-रिकरिंग (Non-Recurring) गेन के कारण है, न कि कोर ऑपरेशन्स (Core Operations) से।
- CAPEX पर रोक: नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए CAPEX प्लान्स को वापस लेना कंपनी के भविष्य के विस्तार पर असर डाल सकता है।
- स्टील बिल्डिंग्स सेगमेंट में घाटा: इस सेगमेंट ने तिमाही में ₹62.26 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹3.10 करोड़ का घाटा दर्ज किया है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Operational Performance) पर नज़र रखें और CAPEX प्लान्स को वापस लेने के दूरगामी प्रभावों का आंकलन करें।
