Everest Industries ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹101.69 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) दर्ज किया है। पिछले साल की तुलना में यह घाटा काफी बढ़ गया है, लेकिन कंपनी ने **10%** डिविडेंड (Dividend) का ऐलान किया है।
Everest Industries: ₹101.69 करोड़ के भारी घाटे में
Everest Industries ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी को इस साल ₹101.69 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ है, जो पिछले साल के ₹3.60 करोड़ के लॉस से काफी ज्यादा है। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) भी घटकर ₹1,417.00 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹1,722.82 करोड़ था।
घाटे की मुख्य वजहें
कंपनी ने इस भारी घाटे के लिए कुछ खास वजहें बताई हैं। इनमें लेबर कोड (Labour Code) में बदलाव के कारण ग्रेच्युटी (Gratuity) पर अतिरिक्त खर्च और सब्सिडियरी Everest Buildpro Private Limited में इन्वेस्टमेंट पर हुए इंपेयरमेंट लॉस (Impairment Loss) शामिल हैं।
हालांकि, साल भर के घाटे के बावजूद, कंपनी के लिए राहत की बात यह है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (H2) में प्रदर्शन में सुधार दिखा है। मार्जिन (Margin) और ऑपरेटिंग कैश फ्लो (Operating Cash Flow) में बढ़ोतरी हुई है।
Pre-Engineered Building (PEB) डिवीजन में गिरावट
कंपनी के Pre-Engineered Building (PEB) डिवीजन के रेवेन्यू में 40% की भारी गिरावट आई है। इसे कंपनी ने मुनाफे वाले प्रोजेक्ट्स पर फोकस करने की सोची-समझी रणनीति बताया है। पिछले दो सालों से लगातार खराब नतीजों के बाद, कंपनी अब '7 Must-Win Battles' (MWBs) और '90 NXT' प्लान के जरिए अपने बिजनेस को सुधारने की कोशिश कर रही है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब कंपनी की टर्नअराउंड स्ट्रेटेजी (Turnaround Strategy) पर रहेगी। जियो-पॉलिटिकल टेंशन (Geo-political tension) के चलते रॉ मैटेरियल (Raw Material) की सप्लाई और स्टील के दामों में उतार-चढ़ाव कंपनी के लिए एक जोखिम बना हुआ है।
