Euro Panel Products ने 2.2 MW का सोलर पावर प्लांट चालू किया है, जिससे कंपनी की कुल सोलर क्षमता बढ़कर 3.6 MW हो गई है। इससे फैक्ट्री की 50% बिजली की ज़रूरतें पूरी होंगी और NABL एक्रेडिटेशन 51 पैरामीटर्स तक बढ़ गया है।
Detailed Coverage
Euro Panel Products की नई सोलर क्षमता और NABL का विस्तार
Euro Panel Products ने अपने मोती फलोड, सूरत स्थित प्लांट में 2.2 MW का नया सोलर पावर प्लांट सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। इस नए प्लांट के जुड़ने से कंपनी की कुल कैप्टिव सोलर पावर क्षमता अब बढ़कर 3.6 MW हो गई है।
50% बिजली की ज़रूरतें होंगी पूरी
इस विस्तार से कंपनी अपनी फैक्ट्री की बिजली की ज़रूरतों का 50% तक ऑफसेट कर पाएगी, जो कि पहले के 20% के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। यह नया प्लांट सालाना लगभग 30 लाख यूनिट ग्रीन बिजली पैदा करेगा। इसके साथ ही, कंपनी ने अपनी इन-हाउस लैबोरेटरी के NABL (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) एक्रेडिटेशन का दायरा भी 16 पैरामीटर्स से बढ़ाकर 51 पैरामीटर्स तक कर दिया है।
भविष्य की रणनीति
यह सोलर प्लांट Euro Panel Products की रिन्यूएबल एनर्जी रणनीति का तीसरा चरण है। कंपनी पहले से ही जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (Zero Liquid Discharge) ऑपरेशंस और इन-हाउस एफ्लुएंट ट्रीटमेंट पर फोकस कर रही है। 50% बिजली की ज़रूरतें अब सोलर एनर्जी से पूरी होने के कारण, कंपनी पारंपरिक पावर ग्रिड पर कम निर्भर रहेगी। इससे परिचालन लागत में कमी आने और कार्बन फुटप्रिंट घटने की उम्मीद है। बढ़ी हुई NABL एक्रेडिटेशन गुणवत्ता आश्वासन को मजबूत करती है और ग्रीन बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स की ज़रूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने में मदद करेगी।
निवेशकों के लिए अहम
हालांकि, निवेशकों को परिचालन लागत पर इसके वास्तविक प्रभाव और कंपनी की ग्रीन क्रेडेंशियल्स का लाभ उठाने वाले कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने की क्षमता पर नज़र रखनी होगी। बिल्डिंग मटेरियल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की अन्य कंपनियां भी लागत प्रबंधन और स्थिरता लक्ष्यों को पूरा करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश कर रही हैं।
आगे क्या?
निवेशक सोलर प्लांट से होने वाली लागत बचत और विस्तारित NABL एक्रेडिटेशन से नए व्यावसायिक अवसरों, खासकर ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में, पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
