Ester Industries Q2 Result: कंपनी ने घाटे से की वापसी, नेट प्रॉफिट **₹6.09 करोड़** पर पहुंचा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Ester Industries Q2 Result: कंपनी ने घाटे से की वापसी, नेट प्रॉफिट **₹6.09 करोड़** पर पहुंचा

Ester Industries ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले शानदार सुधार दिखाते हुए **₹6.09 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, वहीं रेवेन्यू में भी **38.5%** का बड़ा उछाल आया है।

मुनाफे में वापसी और रेवेन्यू का दम

Ester Industries के लिए सितंबर तिमाही का सफर घाटे से मुनाफे की ओर रहा है। कंपनी ने ₹6.09 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कंपनी को ₹4.81 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा था। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी दमदार रहा है, जो सालाना आधार पर 38.5% बढ़कर ₹360.11 करोड़ पर पहुंच गया है।

तिमाही नतीजों का विश्लेषण

सालाना आधार पर सुधार जरूर दिखा है, लेकिन अगर तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर देखें तो मुनाफे पर दबाव भी साफ नजर आता है। पिछले क्वार्टर (Q1 FY27) में कंपनी का प्रॉफिट ₹14.51 करोड़ था, जो अब घटकर ₹6.09 करोड़ रह गया है।

कैपिटल स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव

कंपनी ने हाल ही में अपनी पूंजी संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 12 मई 2026 को कंपनी ने वारंट्स के कन्वर्जन के जरिए 6.7 मिलियन से अधिक इक्विटी शेयर ₹158 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए थे। इसके चलते कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹48.79 करोड़ (31 मार्च 2026) से बढ़कर सितंबर के अंत तक ₹52.15 करोड़ हो गई है। इसके अलावा, अनएक्सरसाइज्ड वारंट्स से कंपनी ने ₹3.25 करोड़ की राशि जब्त की है।

आगे क्या रखें ध्यान?

निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी अपने मार्जिन को कैसे स्थिर रखती है। मुनाफा घटने के पीछे के कारणों और बढ़ी हुई इक्विटी बेस का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर क्या असर पड़ता है, इस पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.