Escorts Kubota का Q2 में नेट प्रॉफिट घटकर **₹255 करोड़** रह गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में **₹321.2 करोड़** था। बढ़ती इनपुट कॉस्ट के कारण कंपनी के मार्जिन पर दबाव देखा गया है, हालांकि रेवेन्यू **16.3%** बढ़कर **₹3,231.4 करोड़** पर पहुंच गया है।
मार्जिन पर दबाव की वजह
कंपनी के नतीजों में रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजह कमोडिटी की कीमतों में 8-9% तक का उछाल और मैन्युफैक्चरिंग लागत का बढ़ना है। इसका सीधा असर EBITDA मार्जिन पर पड़ा है, जो पिछले साल के 13.1% से घटकर अब 9% रह गया है।
कंस्ट्रक्शन सेगमेंट बना सहारा
जहां ट्रैक्टर मार्केट में सुस्ती के बीच कंपनी संघर्ष कर रही है, वहीं कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट का बिजनेस चमक रहा है। इस सेगमेंट का रेवेन्यू 58.6% उछलकर ₹536.2 करोड़ हो गया है और इसकी वॉल्यूम भी 54% बढ़कर 1,764 यूनिट्स रही।
आगे का रास्ता और रिस्क
मैनेजमेंट ने दूसरी छमाही के लिए सतर्क रहने का संकेत दिया है। ट्रैक्टर इंडस्ट्री में डबल-डिजिट की गिरावट की आशंका जताई गई है, जिसका मुख्य कारण हाई बेस इफेक्ट और कम बारिश के कारण पश्चिम और दक्षिण भारत में मांग में कमी है। हालांकि, मार्जिन में सुधार Q4 तक आने की उम्मीद है क्योंकि कंपनी प्राइस हाइक के जरिए लागत के बोझ को ग्राहकों पर डालने की तैयारी में है।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
कंपनी के ₹2,000 करोड़ के ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर नजर बनाए रखना जरूरी है, जिसमें से ₹400-450 करोड़ पहले ही लैंड एक्विजिशन के लिए इस्तेमाल किए जा चुके हैं।
