Epuja Spiritech के लिए FY26 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का मुनाफा घाटे में बदल गया है और रेवेन्यू में भी भारी गिरावट आई है। स्थिति को संभालने के लिए कंपनी ने ₹60 करोड़ का राइट्स इश्यू लाने और एग्रो-टेक व एआई-ड्रिवन फार्मिंग सेक्टर में उतरने का फैसला किया है।
भारी वित्तीय गिरावट के आंकड़े
कंपनी के प्रदर्शन में आई गिरावट काफी चिंताजनक है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू गिरकर ₹1.86 करोड़ रह गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में ₹8.65 करोड़ था। इसी के साथ कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹0.16 करोड़ (पिछले साल) से फिसलकर सीधे ₹10.49 करोड़ के भारी घाटे में चला गया है।
क्यों है यह बदलाव जरूरी?
इस वित्तीय तंगी से उबरने के लिए कंपनी ने फंड जुटाने की राह चुनी है। बोर्ड ने ₹60 करोड़ तक के राइट्स इश्यू (Rights Issue) को मंजूरी दे दी है। इसके जरिए जुटाए गए फंड का इस्तेमाल ऑपरेशंस को चलाने और नए बिजनेस वर्टिकल्स को खड़ा करने में किया जाएगा।
अब क्या है कंपनी का प्लान?
Epuja Spiritech ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब कंपनी अपना दायरा बढ़ाकर इन क्षेत्रों में प्रवेश करेगी:
- एग्रो-प्रोडक्ट्स और कोल्ड स्टोरेज: खेती, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट पर जोर।
- सप्लाई चेन लॉजिस्टिक्स: एग्रो सेक्टर के लिए लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट।
- एआई और टेक्नोलॉजी: AI/ML आधारित फार्मिंग और क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाएं।
बोर्ड में बदलाव और अन्य अपडेट्स
कंपनी ने अपने मैनेजमेंट में भी फेरबदल किया है। अगस्त 2025 में श्री शैलेंद्र ओमप्रकाश मिश्रा को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। साथ ही, कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ESOP 2026 की भी शुरुआत की है ताकि नए लक्ष्यों को हासिल करने में टैलेंट को जोड़ा जा सके।
निवेशकों को अब आने वाले समय में राइट्स इश्यू की टाइमलाइन और कंपनी द्वारा शुरू किए गए नए एग्रो-टेक वर्टिकल्स की सफलता पर नजर रखनी होगी।
