Enviro Infra Engineers को ₹257 करोड़ के बड़े प्रोजेक्ट्स मिले, UP Jal Nigam से हुआ करार

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Enviro Infra Engineers को ₹257 करोड़ के बड़े प्रोजेक्ट्स मिले, UP Jal Nigam से हुआ करार

Enviro Infra Engineers Ltd को उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) से ₹256.92 करोड़ के दो प्रोजेक्ट्स मिले हैं। ये प्रोजेक्ट्स 'नमामि गंगे' कार्यक्रम का हिस्सा हैं और हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत पूरे किए जाएंगे, जिससे कंपनी की भविष्य की कमाई की संभावना बढ़ गई है।

Enviro Infra Engineers को ₹257 करोड़ के नए ऑर्डर

कुल ऑर्डर मूल्य: ₹256.92 करोड़
मिले प्रोजेक्ट्स: 2 HAM प्रोजेक्ट्स

Enviro Infra Engineers Limited ने घोषणा की है कि उन्हें उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) द्वारा 'नमामि गंगे' कार्यक्रम के तहत दो प्रोजेक्ट्स दिए गए हैं। इन दोनों हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) प्रोजेक्ट्स का कुल मूल्य ₹256.92 करोड़ है।

क्या हुआ है?

कंपनी दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) प्रोजेक्ट्स का विकास करेगी। पहला प्रोजेक्ट DDU नगर में 45 MLD क्षमता का ₹126.78 करोड़ में होगा, और दूसरा लोहता, वाराणसी में 60 MLD क्षमता का ₹130.14 करोड़ में होगा। यह कीमतें जीएसटी (GST) को छोड़कर हैं। इन HAM प्रोजेक्ट्स में प्रति प्रोजेक्ट 15 साल का संचालन और रखरखाव (O&M) शामिल है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

इन नए ऑर्डर्स से Enviro Infra का HAM पोर्टफोलियो बढ़कर कुल 5 प्रोजेक्ट्स हो गया है। ये प्रोजेक्ट्स ऊर्जा-कुशल और आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिसमें लंबी अवधि के ऑपरेटिंग खर्चों को कम करने के लिए बायोगैस और सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों को एकीकृत करने की योजना है।

बैकस्टोरी

Enviro Infra Engineers पानी और अपशिष्ट जल अवसंरचना परियोजनाओं में सक्रिय रूप से शामिल रही है। 'नमामि गंगे' कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न पहलों, जैसे सीवेज उपचार, के माध्यम से गंगा नदी को पुनर्जीवित करना है।

अब क्या बदलेगा?

कंपनी को दोनों नए प्रोजेक्ट्स के लिए इन-प्रिंसिपल टर्म लोन की मंजूरी मिल गई है, जो समय पर वित्तीय क्लोजर और मोबिलाइजेशन में मदद करेगा। इससे कंपनी के ऑर्डर बुक में इजाफा हुआ है, जो आने वाले वर्षों के लिए बेहतर राजस्व दृश्यता प्रदान करता है।

ध्यान देने योग्य जोखिम

बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़े एग्जीक्यूशन रिस्क, फंड्स की समय पर मोबिलाइजेशन, और 15 साल की O&M अवधि के दौरान परिचालन दक्षता का प्रबंधन प्रमुख विचारणीय बातें हैं।

पीयर तुलना

भारत में जल अवसंरचना और पर्यावरण इंजीनियरिंग में लगी कंपनियां भी ऐसे सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगाती हैं। प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन क्षमताओं और वित्तीय प्रबंधन के आधार पर प्रदर्शन भिन्न हो सकता है।

प्रासंगिक मेट्रिक्स

कंपनी का कुल HAM पोर्टफोलियो अब 5 प्रोजेक्ट्स का है। प्रत्येक प्रोजेक्ट के लिए O&M की अवधि 15 साल है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की प्रगति, वित्तीय क्लोजर, और कंपनी की नियोजित परिचालन दक्षता हासिल करने और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के माध्यम से लागत बचत प्राप्त करने की क्षमता की निगरानी करनी चाहिए।

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