Elin Electronics ने Q1 FY27 में अपने रेवेन्यू में **23%** की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹362.8 करोड़ तक पहुंच गया है। हालांकि, कंपनी को कच्चे माल की बढ़ी हुई कीमतों और आग लगने की घटना के कारण **₹2.8 करोड़** का नेट लॉस हुआ है।
Q1 FY27 में क्या हुआ?
Elin Electronics ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में ₹362.8 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 23% ज्यादा है। लेकिन, कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 77% घटकर ₹4 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹17.6 करोड़ था। इसी के चलते, कंपनी को ₹2.8 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹9.4 करोड़ का मुनाफा (Profit) हुआ था।
मार्जिन पर क्यों पड़ी मार?
इस तिमाही के नतीजों पर कई वजहों का असर पड़ा है। प्लास्टिक रेजिन और एल्यूमीनियम जैसे कच्चे माल की कीमतों में 40-50% और 40-45% तक की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, 1 अप्रैल 2026 से 25% वेज हाइक (Wage Hike) ने भी कंपनी की लागत बढ़ा दी है। कंपनी इन बढ़ी हुई लागतों को कॉम्पिटिटिव B2B/ODM सेगमेंट, खासकर लाइटिंग और मोटर्स में पूरी तरह से ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही है, जिससे मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।
आग ने भी डाला खलल
इसके अलावा, मई 2026 के आखिर में कंपनी के गाजियाबाद प्लांट में भीषण आग लग गई थी। इस घटना के कारण कंपनी को ₹24.6 करोड़ का प्रोविजन (Provision) करना पड़ा है। हालांकि, कंपनी की एसेट्स (Assets) इंश्योर्ड (Insured) हैं और इंश्योरेंस क्लेम (Insurance Claim) की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, लेकिन इस घटना का सीधा असर नतीजों पर पड़ा है।
आगे क्या होगा?
इन नतीजों को देखते हुए, Elin Electronics अब रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) से ज्यादा मार्जिन सुधार (Margin Improvement) पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी कम मार्जिन वाले 'बैटन लाइटिंग' जैसे प्रोडक्ट्स को कम करने, लेबर कॉस्ट (Labor Cost) को कंट्रोल करने के लिए ऑटोमेशन (Automation) पर जोर देने और हाई-मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस करने की रणनीति अपना रही है। कंपनी को उम्मीद है कि भिवाड़ी (Bhiwadi) फैसिलिटी जल्द ही चालू हो जाएगी और FY27 के रेवेन्यू में योगदान देगी।
