Electrotherm (India) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए निराशाजनक नतीजे जारी किए हैं। कंपनी मुनाफे से सीधे नुकसान में आ गई है, और कर्ज डिफॉल्ट की खबरों के बीच अब 28 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM पर सबका ध्यान है।
मुनाफे से नुकसान का सफर
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। पिछले साल जहां कंपनी ने ₹428.60 करोड़ का मुनाफा कमाया था, वहीं इस बार कंपनी ₹16.18 करोड़ के नेट लॉस (Net Loss) में है। कंपनी का टर्नओवर भी घटकर ₹3,692.09 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹4,115.37 करोड़ था।
AGM और कर्ज का दबाव
कंपनी अपनी 40वीं AGM वर्चुअल तरीके से 28 सितंबर, 2026 को आयोजित करने जा रही है। सबसे बड़ी चुनौती कंपनी द्वारा वित्तीय संस्थानों को किए गए 'कर्ज डिफॉल्ट' (Debt Default) को लेकर है। इस डिफॉल्ट की वजह से नए CEO और होल टाइम डायरेक्टर्स की सैलरी पर भी पेच फंस गया है, क्योंकि इसके लिए लेंडर्स की मंजूरी अनिवार्य है। साथ ही, कंपनी ₹1,000 करोड़ के रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शंस (Related-party transactions) के लिए भी शेयरहोल्डर्स से वोट मांगेगी।
लीडरशिप में बड़े बदलाव के संकेत
बोर्ड ने कई नियुक्तियों का प्रस्ताव रखा है, जिनमें:
- राज कुमार बंसल (इंडिपेंडेंट डायरेक्टर)
- हरीश मुकाती (CEO और होल टाइम डायरेक्टर)
- दवेश खंडेलवाल (होल टाइम डायरेक्टर)
इन सभी की नियुक्ति शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पर निर्भर करेगी। निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे बड़ा रिस्क कंपनी की डिफॉल्ट स्थिति है, जिसका असर मैनेजमेंट के स्ट्रक्चर और कंपनी की स्थिरता पर पड़ सकता है।
