Electrosteel Castings ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने स्टैंडअलोन मुनाफे में भारी गिरावट दर्ज की है, जो पिछले साल के ₹712 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹131 करोड़ रह गया है। कंपनी का रेवेन्यू भी कमजोर घरेलू मांग और वैश्विक चुनौतियों के चलते गिरा है। इस बीच, कंपनी ने ₹114.70 करोड़ में एक इटली की वाल्व निर्माता कंपनी का अधिग्रहण पूरा किया है।
Electrosteel Castings को मुनाफे में बड़ी गिरावट, अधिग्रहण की घोषणा
वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) Electrosteel Castings Limited के लिए वित्तीय तौर पर काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹131.34 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष (FY25) के ₹712.12 करोड़ की तुलना में एक बड़ी गिरावट है। इसी तरह, कंसोलिडेटेड आधार पर भी मुनाफा ₹709.71 करोड़ से गिरकर ₹161.48 करोड़ पर आ गया।
गिरावट की वजहें
कंपनी के प्रदर्शन पर घरेलू मांग में आई कमी और वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर देखने को मिला। सरकार के जल अवसंरचना परियोजनाओं पर खर्च में कमी आने से घरेलू बाजार प्रभावित हुआ, वहीं निर्यात बाजार भी बाधित लॉजिस्टिक्स और देरी से चल रही परियोजनाओं के कारण पिछड़ गया। DI Pipes का उत्पादन भी पिछले वर्ष के 7,32,004 एमटी से घटकर 5,36,336 एमटी रह गया।
भविष्य की राह: इटली की कंपनी का अधिग्रहण
इन चुनौतियों के बावजूद, Electrosteel Castings ने भविष्य को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 29 जुलाई 2025 को ₹114.70 करोड़ में इटली की वाल्व निर्माता TIS Service S.p.A. में 100% हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इस अधिग्रहण का उद्देश्य कंपनी को सिर्फ पाइप निर्माता से आगे बढ़कर एक पूर्ण जल अवसंरचना समाधान प्रदाता के रूप में स्थापित करना है। कंपनी ने FY25-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर Re 0.90 का अंतिम डिविडेंड (Dividend) भी प्रस्तावित किया है।
चिंता का विषय: ऑडिटर्स की 'क्वालिफाइड ओपिनियन'
हालांकि, कंपनी के वित्तीय नतीजों पर ऑडिटर्स ने 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) दिया है, जो एक चिंता का विषय है। यह राय Parbatpur कोयला ब्लॉक दावे की वसूली और ESL Steel Limited से जुड़े कानूनी मामलों की अनिश्चितताओं और उनके लेखांकन उपचार के संबंध में है। ये मुद्दे कंपनी के लिए वित्तीय और परिचालन जोखिम पैदा कर सकते हैं।
आगे क्या?
निवेशकों की निगाहें अब कंपनी द्वारा घरेलू मांग को फिर से गति देने के प्रयासों पर होंगी, खासकर जल जीवन मिशन और AMRUT 2.0 जैसी पहलों के साथ। इसके अलावा, Parbatpur कोयला ब्लॉक दावे और ESL Steel Limited निवेश से संबंधित कानूनी मामलों और ऑडिट योग्यताओं पर किसी भी अपडेट पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
