Eco Recycling Limited ने अमेरिकी कंपनी Electronic Recyclers International के साथ **50:50** की जॉइंट वेंचर डील साइन की है। टोक्यो में हुई इस पार्टनरशिप के साथ ही कंपनी अब NSE पर ट्रेड करना शुरू कर चुकी है, जो इसके ग्रोथ के नए सफर की शुरुआत है।
ग्लोबल पार्टनरशिप से नई ऊंचाई
कंपनी ने 31 अगस्त 2026 को टोक्यो में Electronic Recyclers International (ERI), USA के साथ मिलकर 'ERI India' के गठन का ऐलान किया। यह स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप Ecoreco को इंटरनेशनल टेक्निकल एक्सपर्टीज देगी, जिससे कंपनी अब केवल वॉल्यूम-आधारित रीसाइक्लिंग के बजाय हाई-वैल्यू रिसोर्स रिकवरी पर फोकस कर पाएगी। वहीं, 17 अगस्त 2026 से कंपनी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अपनी ट्रेडिंग शुरू कर दी है, जो इसके लिए एक बड़ा माइलस्टोन है।
बिज़नेस का नया फोकस
कंपनी अब दो बड़े हाई-ग्रोथ सेक्टर्स में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है:
- क्रिटिकल मिनरल रिकवरी: ई-वेस्ट और लिथियम-आयन बैटरी से कीमती धातुओं को निकालना।
- ITAD: भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) ढांचे के साथ तालमेल बिठाकर डेटा सिक्योरिटी सॉल्यूशंस प्रदान करना।
सरकार द्वारा क्रिटिकल मिनरल रीसाइक्लिंग के लिए ₹1,500 करोड़ के बजट आउटले को देखते हुए कंपनी इस सेक्टर में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की तैयारी में है।
फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त (Debt-free) है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी की टोटल इनकम ₹53 करोड़ रही, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹31.50 करोड़ दर्ज किया गया। साथ ही, कंपनी के पास लगभग ₹13 करोड़ का कैश सरप्लस भी मौजूद है।
