ESAB India का शानदार प्रदर्शन
ESAB India ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में जबरदस्त नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹175.42 करोड़ की तुलना में 17.8% बढ़कर ₹206.69 करोड़ हो गया है। वहीं, कंपनी की कुल आय (Total Income) में 9.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹1,381.25 करोड़ से बढ़कर ₹1,514.18 करोड़ पर पहुंच गई।
बोर्ड ने ₹25 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की
ESAB India के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्तीय वर्ष के अंत में ₹25 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह शेयरधारकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि यह 250% का पेआउट दर्शाता है। कंपनी के वित्तीय स्टेटमेंट्स को ऑडिटर से भी हरी झंडी मिल गई है, यानी इसमें कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं पाई गई।
मुनाफे के पीछे की वजहें
कंपनी के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कई कारण हैं। रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी इसके मजबूत बिजनेस ऑपरेशन्स की ओर इशारा करती है। इसके अलावा, कंपनी ने एक जमीन की संपत्ति को बेचकर (Monetization of land asset) भी मुनाफे में इजाफा किया है। हालांकि, नए लेबर कोड प्रावधानों के चलते कंपनी को कुछ अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ा है।
पिछले साल के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन
FY25 में ESAB India का कुल इनकम ₹1,381.25 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹175.42 करोड़ था। इस बार के नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने अपने सभी प्रमुख वित्तीय मापदंडों (Financial Metrics) में लगातार ग्रोथ हासिल की है।
शेयरधारकों के लिए खास
शेयरधारकों को वार्षिक आम बैठक (AGM) में मंजूरी मिलने पर डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा। कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में सुधार हुआ है और जमीन की बिक्री से इसने समझदारी से संपत्ति का प्रबंधन भी किया है। लेबर कोड से जुड़ा खर्च एक बार का ही बताया जा रहा है।
ध्यान देने योग्य जोखिम
नए लेबर कोड प्रावधानों के कारण ग्रेच्युटी देनदारी में बढ़ोतरी के चलते ESAB India को ₹13.65 करोड़ का एक असाधारण चार्ज (Exceptional Charge) लगा है। हालांकि यह एक बार का वित्तीय मामला है, लेकिन निवेशकों को भविष्य में रेगुलेटरी बदलावों के प्रभाव पर नजर रखनी चाहिए।
मुख्य आंकड़े और तारीखें
- कुल आय (FY26): ₹1,514.18 करोड़
- नेट प्रॉफिट (FY26): ₹206.69 करोड़
- बेसिक ईपीएस (FY26): ₹134.30
- अनुशंसित डिविडेंड: ₹25 प्रति शेयर
- डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट: 23 जुलाई, 2026
निवेशकों के लिए अगला कदम
निवेशक 29 जुलाई, 2026 को होने वाली AGM में प्रस्तावित डिविडेंड के लिए शेयरधारक की मंजूरी का इंतजार करेंगे। आने वाले वित्तीय वर्ष में कंपनी के प्रदर्शन पर नजर रखना, खासकर रेगुलेटरी बदलावों के प्रति उसकी अनुकूलन क्षमता, महत्वपूर्ण होगा।
