EPACK Durable के लिए दूसरी तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी ने **₹25.07 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, साथ ही कंपनी के CFO राजेश कुमार मित्तल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
भारी नुकसान और मैनेजमेंट में बदलाव
EPACK Durable ने सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹25.07 करोड़ का घाटा दर्ज किया है, जबकि पिछले Q1 में कंपनी ₹11.82 करोड़ के मुनाफे में थी। तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹439.33 करोड़ रहा। नतीजों के बीच, कंपनी के CFO राजेश कुमार मित्तल ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए 31 अक्टूबर 2026 से इस्तीफा दे दिया है।
बिजनेस को लेकर बड़े फैसले
कंपनी ने अपने बिजनेस स्ट्रक्चर को सुव्यवस्थित करने के लिए Epavo Electricals Private Limited में अपनी 50% हिस्सेदारी Ram Ratna Wires Limited को ₹15 करोड़ में बेचने का फैसला किया है। इस डील के तहत, EPACK Durable अगले 3 साल तक BLDC मोटर्स का निर्माण नहीं करेगी।
ऑडिटर की चिंताएं और रिस्क
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय ऑडिटर की 'क्वालीफाइड ओपिनियन' है। स्टैच्यूटरी ऑडिटर ने ₹19.61 करोड़ के विवादित ट्रेड रिसीवेबल्स पर सवाल उठाए हैं। ऑडिटर्स का कहना है कि ग्राहकों की भुगतान क्षमता को लेकर पर्याप्त सबूत नहीं हैं। इसके अलावा, एक पूर्व सीनियर मैनेजमेंट कर्मी के खिलाफ चल रही आंतरिक जांच और CFO का इस्तीफा कंपनी में प्रशासनिक बदलावों के दौर को दर्शाता है।
आगे क्या होगा?
शेयरधारकों को अब 30 नवंबर 2026 तक Epavo Electricals की बिक्री पूरी होने का इंतजार है। इसके साथ ही, विवादित रिसीवेबल्स के निपटारे पर कंपनी की ओर से आने वाले अपडेट्स पर बारीक नजर रखना जरूरी होगा।
