EMS Limited के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौती भरा रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹91.19 करोड़** रह गया है, जिसका मुख्य कारण पेमेंट में देरी और भारी बारिश रही। हालांकि, कंपनी ने मार्च 2026 के बाद से **₹1,000 करोड़** से ज्यादा के नए वॉटर और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं।
नतीजों का विश्लेषण
EMS Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपनी एनुअल रिपोर्ट जारी की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹972.49 करोड़ से गिरकर ₹732.75 करोड़ पर आ गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹183.78 करोड़ के मुकाबले घटकर ₹91.19 करोड़ रह गया है। मैनेजमेंट के मुताबिक, सरकारी पेमेंट मैकेनिज्म में बदलाव और उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश के कारण प्रोजेक्ट्स की गति धीमी रही।
राहत की बात: डिविडेंड और नया ऑर्डर बुक
नतीजों में कमजोरी के बावजूद, कंपनी ने निवेशकों के लिए ₹1.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है। इसकी रिकॉर्ड डेट 19 सितंबर, 2026 तय की गई है और एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 26 सितंबर, 2026 को होगी। सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू यह है कि मार्च 2026 के बाद से कंपनी को ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के नए प्रोजेक्ट्स मिले हैं, जो आने वाले समय में रेवेन्यू रिकवरी की उम्मीद जगाते हैं।
आगे की राह और रिस्क
निवेशकों को अब कंपनी के वर्किंग कैपिटल साइकिल पर कड़ी नजर रखनी होगी, क्योंकि पेमेंट प्रोसेसिंग में हो रहे बदलावों ने इसे प्रभावित किया है। भविष्य की ग्रोथ पूरी तरह से UP Jal Nigam, Delhi Jal Board और Rajasthan PHED जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगी। इन प्रोजेक्ट्स को बिलिंग में बदलना कंपनी के लिए अगले साल की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
