EKI Energy Services ने अपने कारोबार का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव करते हुए मेटल्स, रिसाइकिलिंग और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए सेक्टरों में कदम रखने की तैयारी की है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
EKI Energy Services के बोर्ड ने 9 सितंबर, 2026 को कंपनी के ऑब्जेक्ट क्लॉज में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस कानूनी बदलाव का सीधा मतलब यह है कि कंपनी अब अपने पारंपरिक काम से इतर नए और हाई-ग्रोथ सेक्टर्स में अपना बिजनेस फैला सकेगी। हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी शेयरहोल्डर्स की अंतिम मुहर मिलनी बाकी है।
किन नए क्षेत्रों में कंपनी की नजर?
इस बदलाव के बाद कंपनी के लिए नए रास्तों के दरवाजे खुल गए हैं:
- इंडस्ट्रियल मेटल्स: कंपनी अब तांबा (Copper), स्टील और एल्युमीनियम जैसे धातुओं के ट्रेड, एक्सपोर्ट और रिसाइकिलिंग में शामिल हो सकेगी।
- ग्रीन एनर्जी: कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन, बायोगैस और कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य के सेक्टरों में अपने ऑपरेशन को स्केल कर सकेगी।
- मैनपावर सेवाएं: नए नियमों के तहत कंपनी अब मैनपावर रिक्रूटमेंट और पेरोल जैसी सेवाएं भी ऑफर कर पाएगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
कंपनी ने इन सेक्टरों में काम करने की कानूनी अनुमति तो ले ली है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। यह कंपनी की एक लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी है। निवेशकों को अब कंपनी की तरफ से आने वाली अगली एक्सचेंज फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए, जिनमें प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और इन नए वर्टिकल्स के लिए निवेश की जानकारी मिल सकती है।
आगे की राह: कंपनी की अगली शेयरहोल्डर मीटिंग और मैनेजमेंट की कमेंट्री यह तय करेगी कि इन नए वर्टिकल्स को कितनी प्राथमिकता दी जाएगी और फंड का आवंटन कैसे किया जाएगा।
