Duncan Engineering ने FY26 के लिए **4.77%** रेवेन्यू गिरावट दर्ज की है, लेकिन EBITDA मार्जिन सुधारा है। कंपनी ने **₹3** प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है और रक्षा (Defence) व परमाणु (Nuclear) सेक्टर में विस्तार कर रही है।
Duncan Engineering के FY26 के नतीजे
Duncan Engineering ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं. कंपनी का रेवेन्यू ₹80.67 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹84.71 करोड़ की तुलना में 4.77% कम है. वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी 6.73% की गिरावट आई है, जो पिछले साल के ₹5.21 करोड़ से घटकर ₹4.86 करोड़ हो गया है.
नतीजों के मायने
हालांकि टॉप-लाइन और बॉटम-लाइन में गिरावट दर्ज की गई है, कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार किया है. EBITDA मार्जिन बढ़कर 11.96% हो गया है, जो पिछले साल के 11.63% था. यह कंपनी के बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट या कुछ सेगमेंट्स में प्राइसिंग पावर का संकेत देता है.
कंपनी के डायरेक्टर्स बोर्ड ने ₹3.00 प्रति इक्विटी शेयर (₹10 के फेस वैल्यू पर 30%) के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है. इसका कुल आउटगो ₹1.11 करोड़ होगा, जो पिछले साल के डिविडेंड के बराबर है.
कंपनी की आगे की रणनीति
Duncan Engineering ग्रोथ के लिए कई स्ट्रेटेजिक कदम उठा रही है. कंपनी ने 11 दिसंबर, 2025 को सऊदी अरब में अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सहायक कंपनी 'DEL Arabia' को इनकॉर्पोरेट किया है, ताकि मध्य-पूर्व के बाजार में अपनी पैठ बना सके. कंपनी डिफेंस और न्यूक्लियर जैसे नए, हाई-मार्जिन बिजनेस वर्टिकल पर भी फोकस कर रही है और इन्हें शुरुआती कमर्शियल ऑर्डर भी मिल चुके हैं.
इसके अलावा, कंपनी ने 'ऑन-ऑफ वाल्व्स' (On-Off valves) के लिए EIL (Engineers India Limited) सर्टिफिकेशन हासिल कर लिया है. इससे वह ऑयल एंड गैस सेक्टर में 'इंटीग्रेटेड ऑटोमेशन सॉल्यूशंस' और आफ्टरमार्केट सर्विसेज के साथ एंट्री कर सकेगी.
भविष्य की उम्मीदें और जोखिम
इन स्ट्रैटेजिक मूव्स का मकसद रेवेन्यू के स्रोतों में विविधता लाना और प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाना है. नए सेक्टर्स और जियोग्राफी में विस्तार से भविष्य में ग्रोथ की उम्मीद है. वहीं, ऑटोमेशन और आफ्टरमार्केट सर्विसेज पर फोकस स्थिर आय प्रदान करने का लक्ष्य रखता है.
एक बड़ी चिंता 4.77% की रेवेन्यू गिरावट है, जो मुश्किल मार्केट कंडीशन या बढ़ते कंपटीशन का संकेत दे सकती है. कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो बढ़कर 0.06 हो गया है, जो पिछले साल के 0.02 से अधिक है. यह बढ़ोतरी बढ़ी हुई बोरिंग्स के कारण हुई है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए.
आगे क्या देखें?
निवेशक नए डिफेंस और न्यूक्लियर वर्टिकल से होने वाले रेवेन्यू और परफॉरमेंस पर बारीकी से नजर रखेंगे. सऊदी मार्केट में DEL Arabia सब्सिडियरी की सफलता और कंपनी की बढ़ती बोरिंग्स को मैनेज करने की क्षमता भी अहम होगी.
