Dredging Corporation of India ने FY2026 में धमाकेदार वापसी की है। कंपनी ने पिछले साल के **₹27.46 करोड़** के नुकसान से उबरते हुए **₹4.75 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
मुनाफे की पटरी पर लौटी कंपनी
वित्तीय वर्ष 2026 कंपनी के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है। कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹1,214.10 करोड़ पहुंच गई है, जो पिछले साल ₹1,133.15 करोड़ थी। सबसे महत्वपूर्ण सुधार ऑपरेटिंग मार्जिन में देखा गया है, जो पहले के 12.23% से बढ़कर 20.50% पर पहुंच गया है।
भविष्य की बड़ी योजनाएं
कंपनी ने अपने पुराने बेड़े को बदलने के लिए ₹3,560 करोड़ के फ्लीट मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम का ऐलान किया है। अगले 5 सालों में 11 नए ड्रेजर्स को शामिल किया जाएगा, जिससे मेंटेनेंस का खर्चा कम होगा। साथ ही, कंपनी के पास 22 एमओयू (MOUs) हैं, जिनकी वैल्यू ₹17,645 करोड़ है, जो आने वाले 2 से 5 सालों के लिए मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी दे रहे हैं।
ध्यान देने वाली बातें (Auditor Concerns)
कंपनी की ग्रोथ स्टोरी के बीच कुछ चुनौतियों पर नजर रखना जरूरी है। ऑडिटर्स ने ग्रेच्युटी प्रोविजंस और पोर्ट अथॉरिटीज की पेनल्टी लायबिलिटीज के अकाउंटिंग को लेकर कुछ चिंताएं जाहिर की हैं। हालांकि कंपनी ने महिला स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति से जुड़ी अनुपालन (Compliance) संबंधी दिक्कतों को सुधारने का दावा किया है, लेकिन पुराने जहाजों का असर अभी भी ऑपरेशनल कॉस्ट पर दिख रहा है।
आगे की राह
निवेशकों को अब 'DCI Dredge Godavari' के कमीशनिंग पर नजर रखनी चाहिए, जिसे 2026 के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य है। साथ ही, यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपनी ₹17,645 करोड़ की एमओयू पाइपलाइन को कितनी तेजी से पक्के कॉन्ट्रैक्ट्स में बदल पाती है।
