Disa India ने FY26 के लिए **₹53.9 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में मामूली वृद्धि है। कंपनी ने **₹200** प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है और टमकुर में नई फैसिलिटी में निवेश कर रही है।
Disa India के FY26 नतीजे: ₹53.9 करोड़ मुनाफा, ₹200 डिविडेंड!
Disa India Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹53.9 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹53.7 करोड़ की तुलना में 0.4% की मामूली वृद्धि है। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 10.4% का इजाफा हुआ और यह ₹424.7 करोड़ रहा।
EBITDA मार्जिन में सुधार हुआ है, जो 15.4% से बढ़कर 15.9% हो गया है, जिससे परिचालन दक्षता का पता चलता है। हालांकि, नेट प्रॉफिट मार्जिन 14.1% से घटकर 12.7% रह गया। इसका एक कारण ₹3.5 करोड़ का एक असाधारण मद (exceptional item) है, जो नई लेबर कोड्स के बाद ग्रेच्युटी और लीव देनदारियों में वृद्धि से संबंधित है।
क्यों यह खबर अहम है?
ये नतीजे ऑटोमोटिव और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे इंडस्ट्रियल सेगमेंट्स में मांग के कारण लगातार रेवेन्यू ग्रोथ को दर्शाते हैं। ₹200 प्रति शेयर का प्रस्तावित डिविडेंड शेयरधारकों के लिए रिटर्न का एक महत्वपूर्ण जरिया है, जो कंपनी के टिकाऊ प्रदर्शन में विश्वास को दर्शाता है। टमकुर में नई ग्रीनफील्ड फैसिलिटी भविष्य के विस्तार और भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की दीर्घकालिक क्षमता के प्रति प्रतिबद्धता का संकेत देती है।
क्या हुआ पहले?
पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) में, Disa India ने ₹384.7 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹53.7 करोड़ का PAT दर्ज किया था। कंपनी लगातार परिचालन दक्षता और अपनी विनिर्माण क्षमताओं के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
अब क्या बदलेगा?
शेयरधारक 12 अगस्त, 2026 को होने वाली 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ₹200 प्रति शेयर के प्रस्तावित फाइनल डिविडेंड पर मतदान करेंगे। कंपनी FY27 के लिए DISA Industries A/S, डेनमार्क के साथ ₹120 करोड़ तक के मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स के लिए भी मंजूरी मांगेगी। टमकुर की नई फैसिलिटी से भविष्य की प्रोडक्शन कैपेसिटी को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
जोखिम जिन पर नजर रखें
मैनेजमेंट ने FY 2026-27 के लिए सतर्क रुख अपनाया है, जिसका कारण वैश्विक अनिश्चितताएं, महंगाई और संभावित प्रोजेक्ट में देरी है। भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार नीति की अनिश्चितताएं निर्यात प्रदर्शन को भी प्रभावित कर सकती हैं।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को टमकुर की नई फैसिलिटी की प्रगति और उत्पादन क्षमता में वृद्धि पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक कारकों और औद्योगिक मांग पर उनके प्रभाव पर मैनेजमेंट की टिप्पणी FY27 के आउटलुक का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।
