Dilip Buildcon ने अपने दो स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (SPVs) Mekhali Power Transmission Limited और DBL Renewable Private Limited में हिस्सेदारी Alpha Alternatives Fund Advisors LLP को बेचने की मंजूरी दे दी है। साथ ही, कंपनी **₹2,000 करोड़** तक जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें **₹1,000 करोड़** नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) और **₹1,000 करोड़** कमर्शियल पेपर्स (CPs) के जरिए होंगे।
क्या हुआ?
Dilip Buildcon के बोर्ड ने ₹8,400 करोड़ की लागत वाले दो प्रोजेक्ट्स में अपनी हिस्सेदारी Alpha Alternatives को बेचने का फैसला किया है। यह कदम कंपनी की 'DBL 2.0' स्ट्रेटेजी का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य एसेट-लाइट मॉडल की ओर बढ़ना है। कंपनी ने इसी के साथ ₹1,000 करोड़ के NCDs और ₹1,000 करोड़ के CPs प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी करने की भी मंजूरी दी है।
कंपनी के नतीजे
जून 2026 में खत्म हुई पहली तिमाही (Q1 FY27) में, Dilip Buildcon ने ₹2,377.78 करोड़ का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू और ₹127.89 करोड़ का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया। स्टैंडअलोन आधार पर, कंपनी ने ₹1,929.57 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹38.71 करोड़ का PAT कमाया।
क्यों है यह अहम?
इस एसेट की बिक्री से कंपनी को पूंजी रीसायकल करने और अपने कर्ज को कम करने में मदद मिलेगी। फंड जुटाने की योजना से कंपनी को अपने ऑपरेशंस और भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए लिक्विडिटी मिलेगी। कंपनी का लक्ष्य FY28 तक स्टैंडअलोन बैलेंस शीट को नेट डेट-फ्री बनाना है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक Alpha Alternatives के साथ एसेट की सफल बिक्री, वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट में सुधार और मजबूत ऑर्डर बुक पर कंपनी के एग्जीक्यूशन पर नजर रखेंगे। FY28 तक नेट डेट-फ्री लक्ष्य की ओर प्रगति एक प्रमुख फोकस बनी रहेगी।
रिस्क फैक्टर
Q1 FY27 में स्टैंडअलोन नेट डेट बढ़कर ₹2,106 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही में ₹1,880 करोड़ था। यह बढ़ोतरी ट्रेड रिसीवेबल्स और नए प्रोजेक्ट्स के लिए इक्विपमेंट मोबिलाइजेशन के कारण हुई है। इन रिसीवेबल्स की कलेक्शन एफिशिएंसी और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
