Digilogic Systems ने FY26 के अपने नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का प्रॉफिट **₹10.43 करोड़** पर पहुंच गया है और कर्ज में बड़ी कमी दर्ज की गई है। BSE SME पर लिस्ट होने के बाद कंपनी ने अब डिफेंस ऑर्डर्स और अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर ध्यान केंद्रित किया है।
मुनाफे और कर्ज की स्थिति
कंपनी के नतीजों में सबसे बड़ी राहत की बात कर्ज में आई कमी है। IPO से मिले पैसों का सही इस्तेमाल करते हुए कंपनी ने अपना कुल कर्ज ₹13.34 करोड़ से घटाकर ₹4.06 करोड़ कर लिया है। वहीं, नेट प्रॉफिट 33.8% बढ़कर ₹10.43 करोड़ हो गया है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि कंपनी अब कैश-फ्लो पॉजिटिव हो गई है, जिसने ₹12.63 करोड़ का कैश जेनरेट किया है, जबकि पिछले साल यह ₹10.51 करोड़ निगेटिव था।
भविष्य की योजनाएं (Project Udaan)
कंपनी ने हैदराबाद में 65,000 वर्ग फुट की एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के निर्माण की घोषणा की है, जिसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा, कंपनी अपनी नई सब्सिडियरी 'Abhedhya Systems' के जरिए RF और माइक्रोवेव इंजीनियरिंग के सेक्टर में विस्तार कर रही है, जो भविष्य में रेवेन्यू के नए स्रोत साबित हो सकते हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम
नतीजों के साथ कंपनी ने कुछ चुनौतियों का भी जिक्र किया है। ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण करीब ₹22 करोड़ के ऑर्डर्स में देरी हुई है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी इन ऑर्डर्स को कितनी जल्दी डिलीवर कर पाती है, क्योंकि आने वाली तिमाहियों में ग्रोथ इसी पर निर्भर करेगी।
