Diamond Power Infrastructure के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने Q1 FY27 में शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें रेवेन्यू में 129% का बंपर उछाल आया है। यह बढ़त मजबूत वॉल्यूम और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स की वजह से संभव हुई है।
Diamond Power Infrastructure के दमदार नतीजे
Diamond Power Infrastructure Ltd. ने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जो निवेशकों को खुश करने वाले हैं। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) में पिछले साल के मुकाबले 129% का जबरदस्त इजाफा हुआ है और यह ₹6,899 मिलियन तक पहुंच गया है। यह कमाल कंपनी के कंडक्टर और केबल सेगमेंट में बढ़े हुए वॉल्यूम और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स का नतीजा है।
EBITDA और नेट प्रॉफिट में भी शानदार बढ़ोतरी
सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) में भी भारी उछाल आया है। EBITDA 172% बढ़कर ₹846 मिलियन हो गया, जिससे मार्जिन 196 बेसिस पॉइंट सुधरकर 12.3% पर पहुंच गया। वहीं, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 191% बढ़कर ₹585 मिलियन रहा, जिसके चलते अर्निंग पर शेयर (EPS) ₹1.11 दर्ज किया गया।
कंपनी की बढ़त के पीछे की कहानी
Diamond Power Infrastructure का रेवेन्यू मुख्य रूप से दो सेगमेंट्स से आता है: केबल्स (Cables), जिसने कुल रेवेन्यू का 63% यानी ₹4,572 मिलियन का योगदान दिया, और कंडक्टर्स (Conductors), जिससे 34% यानी ₹2,327 मिलियन आए। केबल्स में 33 kV और 11 kV वोल्टेज क्लास की मांग रही, जबकि कंडक्टर्स में AL-59 Zebra और Moose सबसे ज्यादा बिके।
भविष्य की तैयारी: कैपेसिटी एक्सपेंशन पर जोर
कंपनी भविष्य की ग्रोथ के लिए तैयार है और इसके लिए बड़ी कैपेसिटी एक्सपेंशन (Capacity Expansion) और टेक्नोलॉजी अपग्रेड पर निवेश कर रही है। FY 2027-28 से शुरू होने वाले LV केबल्स एक्सपेंशन प्रोजेक्ट की सालाना कैपेसिटी 42,000 किमी होगी। इसके अलावा, 66/132 kV प्रोडक्शन के लिए डीबॉटलनेकिंग प्रोजेक्ट्स (Debottlenecking projects) और एक नई 6th CCV लाइन पर भी काम चल रहा है।
निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नज़र?
मुख्य चिंता कंपनी के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन को लेकर है। नए कैपेसिटी के टाइम पर शुरू होने और ठीक से काम करने पर, खासकर LV केबल्स एक्सपेंशन और CCV लाइन, कंपनी के फ्यूचर ग्रोथ टारगेट्स के लिए बहुत ज़रूरी है। कंपनी का बड़ा ऑर्डर बुक भी रेवेन्यू में बदलने पर निर्भर करेगा।
ऑर्डर बुक में मजबूती
11 अगस्त 2026 तक, कंपनी का ऑर्डर बुक ₹3,687.55 करोड़ था, जो मार्च 2026 के ₹3,240.4 करोड़ से काफी ज्यादा है। यह ऑर्डर बुक कंडक्टर्स (51.4%), MV केबल्स (29.0%), और डेटा-सेंटर प्रोडक्ट्स (11.8%) में बंटा हुआ है, जिसमें डेटा सेंटर्स के लिए ₹435 करोड़ का बड़ा हिस्सा शामिल है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नज़रें अब कंपनी के एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स, खासकर LV केबल्स फैसिलिटी और CCV लाइन की प्रगति पर रहेंगी। साथ ही, ऑर्डर बुक को रेवेन्यू में बदलने की क्षमता और EBITDA मार्जिन में लगातार सुधार पर भी नज़र रखी जाएगी।
