Diamond Power Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी ने ठोका ₹1,910 Cr का रेवेन्यू, मुनाफा **358%** उछला

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AuthorMehul Desai|Published at:
Diamond Power Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी ने ठोका ₹1,910 Cr का रेवेन्यू, मुनाफा **358%** उछला

Diamond Power Infrastructure Ltd ने वित्त वर्ष 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **71%** बढ़कर **₹1,910 करोड़** हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट **358%** की छलांग लगाकर **₹158 करोड़** पर पहुंच गया है। यह 2022 के रेजोल्यूशन प्लान के बाद नए मैनेजमेंट के तहत मजबूत रिकवरी का संकेत है।

Detailed Coverage

Diamond Power Infrastructure Ltd: ऑडिट की चिंता के बीच दमदार FY26 परफॉर्मेंस

Diamond Power Infrastructure Ltd के वित्त वर्ष 2026 (31 मार्च 2026 को समाप्त) के नतीजों के मुताबिक, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 71% का जबरदस्त इजाफा हुआ है, जो पिछले वित्त वर्ष 2025 के ₹1,115.39 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹1,910.10 करोड़ हो गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी बड़ी वापसी देखने को मिली है। यह 358% बढ़कर ₹158.17 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल यह ₹34.50 करोड़ था।

निवेशकों के लिए क्या है खास

यह मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस कंपनी के मौजूदा मैनेजमेंट के नेतृत्व में ऑपरेशनल ग्रोथ और रिकवरी का एक बड़ा संकेत है। मैनेजमेंट ने 2022 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मंजूर हुए रेजोल्यूशन प्लान के बाद से कंपनी को पटरी पर लाने का काम किया है। मुनाफे में आई यह जोरदार तेजी शेयरधारकों के लिए एक सकारात्मक खबर है, जो कंपनी की बेहतर लाभप्रदता को दर्शाती है।

कंपनी की पृष्ठभूमि

NCLT प्रक्रिया के बाद से कंपनी रिकवरी के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। इसी कड़ी में, कंपनी की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Dicabs Nextgen Special Alloys Private Limited ने एल्यूमीनियम वायर रॉड्स के निर्माण का काम शुरू कर दिया है, जिससे कंपनी के लिए एक नया रेवेन्यू सोर्स खुला है। इसके अलावा, कंपनी कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से पहले के कर्जों को चुकाने की दिशा में भी प्रगति कर रही है, हालांकि कुछ देनदारियां अभी बाकी हैं।

आगे क्या उम्मीद करें

फाइनेंशियल मोर्चे पर कंपनी के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। सब्सिडियरी के ऑपरेशन शुरू होने से नए रेवेन्यू स्ट्रीम का फायदा मिलेगा। कंपनी पर CIRP से पहले के कर्जों का बोझ भी धीरे-धीरे कम हो रहा है।

किन जोखिमों पर रखें नजर

कंपनी के ऑडिटर्स ने एसेट वैल्यूएशन को लेकर कुछ चिंताएं जताई हैं। विशेष रूप से, प्रॉपर्टी, प्लांट और इक्विपमेंट (PPE) और कैपिटल वर्क-इन-प्रोग्रेस (CWIP) के रिकंसिलिएशन का मामला अभी लंबित है। इसका मतलब है कि मौजूदा एसेट वैल्यू और डेप्रिसिएशन अनुमान पर आधारित हो सकते हैं। इसके अलावा, इन्वेंटरी का एक बड़ा हिस्सा (17%) ग्राहकों के यहां रिटर्नएबल ड्रम में रखा है, जिससे रिकवरी को लेकर जोखिम बना हुआ है, जिस पर ऑडिटर्स की नजर है।

पिछला बकाया

31 मार्च 2026 तक, कंपनी ने CIRP से पहले के ₹9,813.96 करोड़ से संबंधित 18 चार्ज आईडी का निपटान कर दिया था। हालांकि, ₹369.72 करोड़ के 3 आईडी पर चार्ज अभी भी ओपन हैं।

आगे क्या ट्रैक करें

निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में PPE और CWIP रिकंसिलिएशन से जुड़े ऑडिट क्वालिफिकेशन को हल करने में कंपनी की प्रगति पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। ग्राहकों के यहां रखे इन्वेंटरी के रिकवरी और प्रबंधन से जुड़े अपडेट भी महत्वपूर्ण होंगे। साथ ही, बाकी बचे CIRP-पूर्व कर्जों के निपटारे पर भी नजर रखी जानी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.