Diamond Power Infrastructure ने गुजरात में अपनी नई कॉपर वायर ड्राइंग और केबल मैन्युफैक्चरिंग लाइन से कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। इस कदम से कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की रेंज को एल्युमीनियम केबल्स से आगे बढ़ाकर हाई-इंटेंसिटी पावर एप्लीकेशन्स की जरूरतों को भी पूरा कर पाएगी।
Diamond Power का बड़ा कदम: कॉपर केबल लाइन चालू
Diamond Power Infrastructure ने गुजरात के वडोदरा स्थित अपने प्लांट में नई कॉपर वायर ड्राइंग और केबल मैन्युफैक्चरिंग लाइन को कमर्शियल प्रोडक्शन के लिए चालू कर दिया है। यह नई लाइन 20 अगस्त, 2026 से काम कर रही है और इसकी क्षमता 1,500 MT प्रति माह है।
क्यों है यह अहम?
अब तक Diamond Power मुख्य रूप से एल्युमीनियम आधारित पावर केबल्स बनाती थी। लेकिन इस नई लाइन के चालू होने से कंपनी अब कॉपर आधारित केबल्स का भी उत्पादन करेगी। यह कंपनी के लिए एक बड़ा विस्तार है, जिससे वह एल्युमीनियम और कॉपर, दोनों तरह के कंडक्टर की जरूरतों को पूरा कर सकेगी। इससे कंपनी हाई-स्पेसिफिकेशन वाले प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रही है और ग्राहक की बढ़ती मांग को पूरा करने की उम्मीद है।
क्या होगा अब?
इस नई क्षमता के साथ, Diamond Power अब एल्युमीनियम और कॉपर दोनों तरह के केबल्स के लिए सिंगल-सोर्स सप्लायर के तौर पर काम कर सकती है। कंपनी अब रॉड से लेकर फिनिश्ड केबल तक, इन-हाउस कॉपर वायर ड्राइंग की सुविधा भी प्रदान करेगी। इससे कंपनी डेटा सेंटर्स और पावर प्लांट्स जैसे हाई-इंटेंसिटी पावर एप्लीकेशन्स की जरूरतें पूरी कर पाएगी और ग्राहकों के बड़े वर्ग तक पहुंच सकेगी।
क्या हैं जोखिम?
कंपनी का कहना है कि इस विस्तार के लिए कोई खास बड़ा निवेश नहीं करना पड़ा है। हालांकि, सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बाजार उनके कॉपर केबल प्रोडक्ट्स को कितना स्वीकार करता है और वे इस सेगमेंट में स्थापित कंपनियों के मुकाबले कितनी प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर पाते हैं।
इंडस्ट्री में कहां है Diamond Power?
Diamond Power Infrastructure पावर केबल बनाने वाले बड़े उद्योग का हिस्सा है। हालांकि, इस नई कॉपर केबल प्रोडक्शन की क्षमता के बारे में साथियों (Peers) की जानकारी अलग से नहीं दी गई है। Polycab India और KEI Industries जैसी कंपनियां एल्युमीनियम और कॉपर केबल्स, दोनों में अपने विस्तृत प्रोडक्ट्स के लिए जानी जाती हैं।
प्रोडक्शन के आंकड़े
नई लाइन की मासिक क्षमता 1,500 MT है और इसका कमर्शियल प्रोडक्शन 20 अगस्त, 2026 को शुरू हुआ।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक अब इस नई कॉपर केबल सेगमेंट से होने वाले रेवेन्यू और कंपनी के ओवरऑल प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ने वाले प्रभाव पर बारीकी से नजर रखेंगे।
