Dhruv Consultancy Services ने National Highway Logistics Management Limited (NHLML) से 15 साल का एक बड़ा करार हासिल किया है। इसके तहत महाराष्ट्र में हाईवे पर सुविधाओं का विकास और मेंटेनेंस किया जाएगा। कंपनी के लिए यह अपने पारंपरिक कंसल्टेंसी बिजनेस से हटकर एक नए इंफ्रास्ट्रक्चर वर्टिकल में एंट्री है।
बड़ा बदलाव और रणनीति
Dhruv Consultancy Services ने नेशनल हाईवे पर सुविधाओं के विकास के लिए यह कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इस प्रोजेक्ट की कुल अवधि 15 साल है, जिसमें शुरुआती 8 महीने का समय 'रेंट-फ्री' (rent-free) डेवलपमेंट के लिए रखा गया है। इसके लिए कंपनी को सालाना ₹6.48 लाख का लीज रेंट चुकाना होगा।
क्यों अहम है यह डील?
यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए एक बड़ा 'स्ट्रैटेजिक पिवट' है। अभी तक Dhruv Consultancy मुख्य रूप से कंसल्टेंसी सर्विस देती रही है, लेकिन अब वह ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेस में कदम रख रही है। महाराष्ट्र के NH 361 (चकुर-लोहा/होटलवाड़ी) सेक्शन पर मिलने वाला यह काम कंपनी के पोर्टफोलियो में विविधता लाने की कोशिश है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
कंपनी के लिए सबसे बड़ा चैलेंज इस नए बिजनेस वर्टिकल को सही ढंग से एग्जीक्यूट करना होगा। नियमों के अनुसार, कंपनी को 30 दिनों के भीतर 'परफॉरमेंस सिक्योरिटी डिपॉजिट' जमा करना होगा।
निवेशकों को अब यह देखना चाहिए कि कंपनी कैसे तय समय में प्रोजेक्ट पूरा करती है। अगर उन्हें आने वाले दिनों में इस तरह के और प्रोजेक्ट्स मिलते हैं, तो यह उनके बिजनेस मॉडल में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है। फिलहाल, प्रोजेक्ट के शुरुआती 8 महीनों की प्रगति पर बाजार की नजर रहेगी।
