Dhruv Consultancy Services के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी ने **₹28.42 करोड़** का बड़ा नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹6.95 करोड़** के मुनाफे में थी।
अकाउंटिंग रिसेट का असर
कंपनी के रेवेन्यू में भारी गिरावट देखने को मिली है, जो पिछले साल के ₹103.52 करोड़ से घटकर इस बार ₹43.96 करोड़ पर आ गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह नुकसान मुख्य रूप से प्रोजेक्ट्स के अकाउंटिंग अनुमानों (Accounting Estimates) में बदलाव के कारण हुआ है। इसे कंपनी ने एक 'फाइनेंशियल रिसेट' बताया है, जिसके चलते इस साल कोई डिविडेंड नहीं दिया जाएगा।
आगे की राह और नई उम्मीदें
कमजोर नतीजों के बावजूद, कंपनी के पास ₹224 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो आने वाले समय में काम आने वाला है। अब Dhruv Consultancy अपना ध्यान हाइवे कंसल्टेंसी से हटाकर एयरपोर्ट कंसल्टेंसी और वेसाइड एमेनिटीज (Wayside Amenities) जैसे नए सेक्टरों पर लगा रही है।
क्या बदलाव कर रही है कंपनी?
मुनाफे को पटरी पर लाने के लिए कंपनी अब प्रोजेक्ट गवर्नेंस, कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट और एआई (AI) जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। हालांकि, निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी की नई बिजनेस लाइनें कितनी जल्दी रेवेन्यू में बदल पाती हैं।
