Dhaval Packaging ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए **24%** की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। हालांकि, कंपनी अब **2020-2023** के फाइनेंशियल स्टेटमेंट को रिवाइज करने के NCLT के अंतरिम आदेश का सामना कर रही है।
मुनाफे में बड़ी बढ़त
कंपनी ने ₹65.03 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है, जो पिछले साल ₹52.26 करोड़ था। इस शानदार प्रदर्शन का मुख्य श्रेय कंपनी के IML कंटेनर सेगमेंट को जाता है, जिसने कुल रेवेन्यू में 73% से अधिक का योगदान दिया है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 33% बढ़कर ₹8.04 करोड़ हो गया है।
NCLT का कानूनी साया
ऑपरेशनल सफलता के बीच कंपनी के सामने कानूनी चुनौतियां भी हैं। NCLT के 12 फरवरी, 2026 के एक अंतरिम आदेश के तहत, कंपनी को 2020 से 2023 की अवधि के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को फिर से तैयार और जमा करना होगा। निवेशकों की नजर 8 अक्टूबर, 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है, जो कंपनी की भविष्य की दिशा तय कर सकती है।
डिविडेंड नहीं, एक्सपेंशन पर जोर
हाल ही में BSE SME पर लिस्ट हुई Dhaval Packaging ने फिलहाल निवेशकों को डिविडेंड न देने का फैसला किया है। मैनेजमेंट का फोकस अपने IPO से जुटाए गए ₹36.36 करोड़ के फंड का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग ऑटोमेशन और क्षमता विस्तार में करने पर है। कंपनी अब अपने एंड-कैप सेगमेंट को पूरी तरह से इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग में बदल रही है, जिससे भविष्य में मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद है।
