Dhanashree Electronics ने अपने AGM में FY26 के नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू **₹111.69 करोड़** रहा। हालांकि, कंपनी के ऊपर बकाया ट्रेड रिसीवेबल्स (trade receivables) का संकट निवेशकों के लिए चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Dhanashree Electronics के लिए FY26 का सफर मिला-जुला रहा है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹98.39 करोड़ से बढ़कर ₹111.69 करोड़ हो गया है। इसके साथ ही नेट प्रॉफिट ₹3.69 करोड़ और EPS (Earnings Per Share) ₹2.60 पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹2.44 था।
कॉरपोरेट एक्शन्स और डिविडेंड
कंपनी की 30वीं AGM में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए:
- डिविडेंड: निवेशकों के लिए ₹0.10 प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा हुई।
- कैपिटल: ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को बढ़ाकर ₹47.50 करोड़ किया गया है।
- वॉरेन्ट्स: प्रमोटर्स और अन्य के लिए 33.3 मिलियन कनवर्टिबल वॉरेन्ट्स ₹30 प्रति वॉरंट की दर से जारी किए गए हैं।
रिस्क फैक्टर: फंसा हुआ पैसा (Trade Receivables)
कंपनी की सबसे बड़ी चुनौती उसके ट्रेड रिसीवेबल्स हैं। कुल एसेट्स का लगभग 25% हिस्सा यानी करीब ₹40 करोड़ बाजार में बकाया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें से लगभग आधा हिस्सा विवादित है और कानूनी लड़ाई के दायरे में है, जबकि 30% हिस्सा लंबे समय से पेंडिंग (long outstanding) है।
आगे की राह
मैनेजमेंट का कहना है कि वे लाइटिंग और OEM सेगमेंट पर फोकस बढ़ा रहे हैं। कंपनी ने FY27 के लिए ₹250 करोड़ तक के रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स का प्रस्ताव रखा है, जिस पर शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है। फिलहाल निवेशकों को कंपनी के कैश फ्लो और बकाया वसूली (receivables recovery) पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
