Devoted Construction ने FY26 के लिए **₹10.52 लाख** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। साल 2022 से कंपनी के शेयर BSE पर सस्पेंडेड हैं, जिससे निवेशक फंसे हुए हैं। हालांकि, कंपनी को लखनऊ में **₹5 करोड़** का नया प्रोजेक्ट मिला है, लेकिन रेगुलेटरी अनुपालन की कमी बड़ी चिंता है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और चुनौतियां
कंपनी ने FY26 में ₹10 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल शून्य था। हालांकि, नुकसान ₹4.98 लाख से बढ़कर ₹10.52 लाख हो गया है। राहत की खबर यह है कि कंपनी को Kaustubh Infraprojects Pvt Ltd से लखनऊ में ₹5 करोड़ का एक नया प्रोजेक्ट मिला है।
क्यों बंद है ट्रेडिंग?
Devoted Construction के शेयर 21 नवंबर, 2022 से BSE पर सस्पेंड चल रहे हैं। इसकी मुख्य वजह SEBI के नियमों का पालन न करना है। कंपनी ने मार्च 2024 में ट्रेडिंग बहाली के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है, जिससे निवेशकों की लिक्विडिटी पूरी तरह खत्म हो गई है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस और ऑडिट रिमार्क्स
ऑडिटर्स के अनुसार, कंपनी के पास ₹14,746.81 लाख की वैल्यू वाली सेलएबल FSI इन्वेंट्री है, जिसके भविष्य में बिकने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी 'कंपनीज एक्ट 2013' की धारा 138 का उल्लंघन कर रही है क्योंकि अभी तक इंटरनल ऑडिटर की नियुक्ति नहीं की गई है।
आगे की राह
निवेशकों के लिए मुख्य रिस्क ट्रेडिंग का सस्पेंशन है। कंपनी के रिवाइवल के लिए अब लखनऊ प्रोजेक्ट की एग्जीक्यूशन स्पीड और इंटरनल ऑडिटर की नियुक्ति पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
