Desco Infratech ने अपनी 15वीं AGM पूरी कर ली है, लेकिन बैठक में ऑडिटर्स ने कंपनी की इंटरनल प्रोसेस पर गंभीर चिंता जताई है। निवेशकों को ऑडिट ट्रेल की कमियों और टैक्स भुगतान में देरी जैसे मुद्दों पर नजर रखनी चाहिए।
AGM में ऑडिट रिपोर्ट पर खलबली
Desco Infratech Limited की 15वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 7 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुई। हालांकि बैठक में वित्तीय स्टेटमेंट को मंजूरी दे दी गई, लेकिन कंपनी के ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के इंटरनल कंट्रोल्स पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी के संकेत
ऑडिटर की रिपोर्ट में तीन मुख्य कमियां उजागर की गई हैं:
- ऑडिट ट्रेल में खामियां: कंपनी की रिपोर्टिंग प्रोसेस में पारदर्शिता का अभाव पाया गया है।
- स्टॉक रिकॉन्सिलिएशन: स्टॉक स्टेटमेंट के मिलान में भारी विसंगतियां (discrepancies) दर्ज की गई हैं।
- स्टैच्युटरी ड्यूज में देरी: सरकारी भुगतान समय पर नहीं किए गए हैं, जो गवर्नेंस के लिहाज से चिंता का विषय है।
बोर्ड के अहम फैसले
इन विवादों के बावजूद, कंपनी ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पारित किया:
- Pankaj Pruthu Desai को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है।
- Shailesh Kalidas Naik को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियमित किया गया है।
- कंपनी की उधारी लेने की क्षमता को बढ़ाने के साथ ही Section 180, 185 और 186 के तहत वित्तीय अधिकारों को मंजूरी दी गई है।
- साथ ही, Desco Bio Green Pvt Ltd और Shri Green Agro Energies Pvt Ltd के साथ ट्रांजैक्शंस को भी हरी झंडी दी गई है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि मैनेजमेंट इन ऑडिट आपत्तियों को कब तक और कैसे सुलझाता है। सरकारी बकाया चुकाना और इंटरनल ऑडिट सिस्टम को मजबूत करना कंपनी की साख बचाने के लिए सबसे जरूरी कदम होगा।
