Delta Manufacturing ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट लॉस घटकर **₹9.14 करोड़** रह गया है, जबकि पिछले साल यह **₹11.55 करोड़** था।
मुनाफे की ओर बढ़ते कदम
Delta Manufacturing के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 रिकवरी का साल रहा है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल के ₹56.18 करोड़ से बढ़कर ₹63.37 करोड़ पर पहुंच गया है। इसके अलावा, EBITDA भी ₹4.37 करोड़ से बढ़कर ₹5.83 करोड़ हो गया है। कंपनी ने जनवरी 2026 में अपने घाटे वाले 'हार्ड फेराइट डिवीजन' (Hard Ferrite Division) को बंद कर दिया, जिसका फायदा नतीजों में साफ दिख रहा है।
30 सितंबर को AGM में क्या होगा खास?
कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को अपनी 44वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुलाई है। निवेशकों की नजरें इन अहम प्रस्तावों पर हैं:
- जयदेव मोदी की पुनः नियुक्ति।
- अरविंद पटेल का 75 साल की उम्र के बाद भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में बने रहना।
- MMG Ferrites और Myra Mall Management के साथ संबंधित पार्टी लेनदेन (Related Party Transactions) को मंजूरी।
- मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. राम एच. श्रॉफ के वेतन में संशोधन, जो अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और इसकी सीमा सालाना ₹1.7 करोड़ तय की गई है।
भविष्य की रणनीति
कंपनी का फोकस अब सॉफ्ट फेराइट मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग पर है, जिसके लिए उन्होंने स्पेन की PREMO S.L. के साथ जॉइंट वेंचर (JV) किया है। मैनेजमेंट का मानना है कि इससे हाई-वैल्यू एप्लीकेशन में पैठ बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि कंपनी अभी भी नुकसान में है, इसलिए आने वाली तिमाहियों में कंपनी की परफॉर्मेंस तय करेगी कि यह घाटे से मुनाफे की राह पर कितनी जल्दी लौट पाती है।
