Deepak Builders & Engineers India Ltd को हरियाणा में श्री कृष्ण आयुष यूनिवर्सिटी के लिए ₹548.70 करोड़ का EPC प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी L1 बिड स्टेटस के बाद यह ऑर्डर मिला है, जिसमें 36 महीनों में निर्माण और साइट डेवलपमेंट का काम शामिल है।
दीपक बिल्डर्स को मिला ₹548.70 करोड़ का EPC ऑर्डर
Deepak Builders & Engineers India Ltd को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में श्री कृष्ण आयुष यूनिवर्सिटी के लिए ₹548.70 करोड़ की EPC परियोजना का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) मिल गया है। कंपनी ने 27 मई 2026 को सबसे कम बोली (L1) लगाई थी, जिसके बाद अब यह ऑर्डर पक्का हो गया है।
क्या हुआ है?
कंपनी को हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HSIIDC) से ₹548.70 करोड़ (GST सहित) का यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट ऑर्डर मिला है।
यह क्यों मायने रखता है?
इस प्रोजेक्ट से दीपक बिल्डर्स का ऑर्डर बुक मजबूत होगा और अगले तीन सालों के लिए रेवेन्यू की विजिबिलिटी बढ़ेगी। यह सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स हासिल करने की कंपनी की काबिलियत को भी दर्शाता है।
कहानी क्या है?
Deepak Builders & Engineers India Ltd ने पहले 27 मई 2026 को इस प्रोजेक्ट के लिए L1 बिडर होने की घोषणा की थी। LOA मिलने से यह बिड एक कन्फर्म प्रोजेक्ट में बदल गई है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी अब इमारतों, इंफ्रास्ट्रक्चर, एस्टेट सर्विसेज, सिविल और MEP सर्विसेज, बागवानी और साइट डेवलपमेंट के निर्माण का काम शुरू कर सकेगी।
जोखिम (Risks)
निवेशकों को प्रोजेक्ट की समय-सीमा और लागत प्रबंधन पर नज़र रखनी चाहिए, खासकर मूल्य वृद्धि क्लॉज (escalation clause) को देखते हुए, ताकि मार्जिन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पीयर कम्पेरिजन (Peer Comparison)
हालांकि फाइलिंग में किसी विशेष पीयर के ऑर्डर की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन कंपनियों के लिए बड़े सरकारी EPC प्रोजेक्ट्स हासिल करना एक आम लक्ष्य है।
अहम जानकारी (Context Metrics)
- प्रोजेक्ट वैल्यू: ₹548.70 करोड़ (GST सहित)
- प्रोजेक्ट की अवधि: 36 महीने
- क्लाइंट: हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HSIIDC)
आगे क्या देखें?
प्रोजेक्ट की शुरुआत, उसके एग्जीक्यूशन की प्रगति और इससे संबंधित फाइनेंशियल रिपोर्टिंग पर भविष्य के अपडेट निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
मुख्य बात: एक बड़े ऑर्डर से रेवेन्यू की विजिबिलिटी बढ़ी है; कुशल एग्जीक्यूशन और लागत प्रबंधन महत्वपूर्ण हैं।
