Deepak Builders and Engineers India Ltd के लिए FY26 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹39.65 करोड़** पर आ गया है, जबकि रेवेन्यू भी घटकर **₹554.28 करोड़** रह गया है। पेमेंट में देरी और साइट की दिक्कतों ने काम की रफ्तार को धीमा किया, हालांकि कंपनी ने वित्त वर्ष के बाद **₹1,000 करोड़** से ज्यादा के नए ऑर्डर हासिल कर भविष्य के लिए उम्मीद जगाई है।
फाइनेंशियल रिजल्ट्स का गणित
FY26 में कंपनी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो रेवेन्यू ₹554.28 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹581.79 करोड़ था। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) भी ₹56.75 करोड़ से घटकर ₹39.65 करोड़ पर आ गया है। इस दौरान अर्निंग पर शेयर (EPS) भी गिरकर ₹8.51 रह गया, जो पिछले साल ₹14.04 था।
क्यों आई गिरावट?
मैनेजमेंट के अनुसार, पेमेंट में लगातार देरी, रेलवे प्रोजेक्ट साइट्स तक पहुंचने में समस्या और लेबर की कमी ने प्रोजेक्ट बिलिंग को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसका सीधा असर कंपनी के कैश फ्लो और प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ा है।
राहत की खबर: नए ऑर्डर्स
बुरी खबरों के बीच कंपनी ने मार्च 2026 के बाद ₹1,023 करोड़ के दो बड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए हैं। इनमें ₹474.25 करोड़ का एक रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स और ₹548.70 करोड़ का यूनिवर्सिटी कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट शामिल है, जो कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूती देता है।
शेयरहोल्डर्स के लिए जरूरी जानकारी
- शेयर सब-डिवीजन: कंपनी ने अपने शेयरों की फेस वैल्यू को ₹10 से घटाकर ₹1 कर दिया है।
- डिविडेंड: इस साल कंपनी ने कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया है।
- AGM: कंपनी की 9वीं सालाना आम बैठक (AGM) 29 सितंबर, 2026 को तय की गई है।
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि नए ऑर्डर्स कितनी जल्दी रेवेन्यू में कन्वर्ट होते हैं और कंपनी पेमेंट चक्र में सुधार कैसे करती है।
